E-rickshaw QR code registration:कानपुर में ई-रिक्शा और ई-ऑटो के लिए क्यूआर कोड स्टीकर अनिवार्य किया गया है। 7 अप्रैल 2026 तक रजिस्ट्रेशन का मौका है। बिना स्टीकर वाहन चलाने पर चालान और सीजर की कार्रवाई होगी, यातायात व्यवस्था सुधारने की पहल।
कानपुर नगर में ई-रिक्शा और ई-ऑटो के संचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए शुरू किया गया क्यूआर कोड स्टीकर अभियान अब शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की ओर बढ़ रहा है। इस पहल के तहत प्रत्येक वाहन को एक यूनिक क्यूआर कोड दिया जा रहा है, जिससे उसकी पूरी जानकारी—जैसे मालिक, रूट, वैधता और रजिस्ट्रेशन—एक स्कैन में सामने आ जाएगी। इससे न केवल यात्रियों को भरोसा मिलेगा, बल्कि पुलिस के लिए भी निगरानी आसान होगी। खास बात यह है कि यह व्यवस्था डिजिटल ट्रैकिंग को बढ़ावा देगी और अवैध संचालन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगी।
यातायात पुलिस ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए शहर के 37 थानों और एसीपी यातायात कार्यालयों में विशेष काउंटर स्थापित किए हैं। इन काउंटरों पर चालक और वाहन स्वामी बिना किसी परेशानी के अपने दस्तावेज जमा कर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। पुलिस का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया में शामिल हों और समय रहते क्यूआर कोड प्राप्त कर लें। अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और सरल बनाई गई है ताकि किसी भी चालक को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े और वह आसानी से नियमों का पालन कर सके।
ई-रिक्शा और ई-ऑटो चालकों को क्यूआर कोड स्टीकर प्राप्त करने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें वाहन की आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा और आधार कार्ड की छायाप्रति शामिल है। संबंधित थाना या यातायात कार्यालय में इन दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन पूरा होने के बाद ही वाहन को क्यूआर कोड स्टीकर जारी किया जाएगा। यह स्टीकर वाहन पर स्पष्ट रूप से लगाना अनिवार्य होगा। इस प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि केवल वैध और सुरक्षित वाहन ही सड़कों पर संचालित हों।
यातायात पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि क्यूआर कोड प्राप्त करने वाले ई-रिक्शा और ई-ऑटो केवल निर्धारित रूट पर ही चलेंगे। इससे शहर में अव्यवस्थित तरीके से चलने वाले वाहनों पर रोक लगेगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी हद तक सुधार होगा। अक्सर देखा जाता है कि वाहन चालक मनमाने तरीके से रूट बदलते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक वाहन की गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी, जिससे अनुशासन बढ़ेगा और यात्रियों को भी तय रूट पर बेहतर सेवा मिल सकेगी।
यातायात विभाग ने चेतावनी दी है कि 1 अप्रैल 2026 से बिना क्यूआर कोड स्टीकर या बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। ऐसे वाहनों को सीज किया जा सकता है और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि यह कदम व्यवस्था सुधारने के लिए जरूरी है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इसलिए सभी चालकों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की कानूनी या आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
पुलिस ने साफ कर दिया है कि 7 अप्रैल 2026 इस अभियान की अंतिम तारीख होगी। इसके बाद किसी भी स्थिति में क्यूआर कोड स्टीकर जारी नहीं किया जाएगा। ऐसे में जिन चालकों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनके पास सीमित समय ही बचा है। यह अंतिम मौका है, जिसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सीधे कार्रवाई होगी। यातायात पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और समय रहते अपने वाहन को वैध बनाकर शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग करें।