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Kanpur News: फर्जी UPI स्क्रीनशॉट से ‘डिजिटल डकैती’, आठ बार में 2.13 लाख उड़ाए, सात महीने बाद खुला खेल

UPI Fraud:कानपुर के पनकी क्षेत्र में दुकानदार ने फर्जी UPI स्क्रीनशॉट दिखाकर ई-कॉमर्स कंपनी से 2.13 लाख रुपये की ठगी की। आठ डिलीवरी में भुगतान का झांसा दिया गया। जांच में मामला खुलने पर सात महीने बाद मुकदमा दर्ज हुआ।

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कानपुर। डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के बीच ठगी के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। पनकी थाना क्षेत्र में एक दुकानदार द्वारा फर्जी UPI स्क्रीनशॉट दिखाकर ई-कॉमर्स कंपनी से 2.13 लाख रुपये की ठगी का मामला उजागर हुआ है। कंपनी प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना ऑनलाइन लेनदेन में सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने इस तरह की ठगी और कहीं तो नहीं की।

आठ बार डिलीवरी, हर बार दिखाया फर्जी भुगतान

प्रबंधक इरशाद अहमद सिद्दीकी ने बताया कि उनकी कंपनी के डिलीवरी स्टाफ ने पनकी पड़ाव पुल के पास स्थित शुक्ला जनरल स्टोर पर कुल आठ बार सामान पहुंचाया था। हर बार दुकानदार प्रफुल शुक्ला ने UPI भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर यह जताया कि उसने ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं। डिलीवरी कर्मियों ने स्क्रीनशॉट को सही मानते हुए सामान दे दिया। लगातार आठ बार इसी तरीके को अपनाकर आरोपी ने कंपनी का भरोसा जीता और बिना भुगतान किए सामान प्राप्त करता रहा।

जांच में खुला राज, खाते में नहीं पहुंचा एक भी रुपया

कंपनी द्वारा जब लेनदेन का मिलान किया गया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जिन भुगतानों के स्क्रीनशॉट दिखाए गए थे, उनकी कोई भी राशि कंपनी के खाते में नहीं पहुंची थी। इसके बाद मामले की तकनीकी जांच कराई गई, जिसमें पता चला कि सभी स्क्रीनशॉट फर्जी थे। आरोपी ने स्पूफिंग ऐप की मदद से नकली ट्रांजेक्शन तैयार किए थे। इससे साफ हो गया कि पूरी योजना के तहत कंपनी को ठगा गया और भुगतान का कोई वास्तविक रिकॉर्ड मौजूद नहीं था।

जुलाई में अलग-अलग तारीखों पर हुई ठगी

तहरीर के अनुसार यह ठगी जुलाई 2025 के दौरान अलग-अलग तारीखों पर की गई। 2, 14, 16, 18, 19, 20, 25 और 28 जुलाई को डिलीवरी के समय आरोपी ने फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर सामान हासिल किया। इन सभी लेनदेन को जोड़ने पर कुल 2,13,557 रुपये की आर्थिक क्षति सामने आई। लगातार कई दिनों तक एक ही तरीके से ठगी किए जाने से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी ने पहले से योजना बनाकर इस अपराध को अंजाम दिया।

सात महीने बाद दर्ज हुआ मुकदमा

घटना की शिकायत 23 अगस्त 2025 को उच्च अधिकारियों को दी गई थी। इसके बाद मामले की जांच की गई और आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए। करीब सात महीने की प्रक्रिया के बाद पनकी पुलिस ने आरोपी दुकानदार प्रफुल शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच में मिले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है और आगे भी सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जाएगी।

पुलिस बोली—साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

थाना प्रभारी पनकी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने इसी तरह की ठगी अन्य लोगों या कंपनियों के साथ तो नहीं की है।