Kanpur News:भारतीय वायुसेना के एक सैन्यकर्मी के साथ मारपीट का मामल सामने आया है। पीड़ित ने पुलिसकर्मियों पर अभद्रता का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पुलिस उपायुक्त दक्षिण को सौंपी गई है। अधिकारियों ने रिपोर्ट तलब की।
कानपुर : घाटमपुर में भारतीय वायुसेना के एक सैन्यकर्मी के साथ कथित तौर पर पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट और अभद्रता किए जाने का आरोप लगा है। मामले की शिकायत पीड़ित की मां ने पुलिस आयुक्त से की है।पुलिस आयुक्त ने जांच के आदेश दिए हैं।
घाटमपुर निवासी नितीश सचान भारतीय वायुसेना में कार्पोरल के पद पर तैनात हैं।वर्तमान में गुजरात के जामनगर में उनकी पोस्टिंग है। पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने के लिए वह छुट्टी पर घर आए थे। पीड़ित के अनुसार, 19 फरवरी की रात वह एक गेस्ट हाउस में आयोजित विवाह समारोह से पैदल अपने घर लौट रहे थे। उनके साथ आए अन्य लोग वाहन पार्किंग से निकालकर पीछे आने वाले थे। इसी दौरान एक नर्सिंग होम के पास सब इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह बुंदेला और हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार थाने की बोलेरो गाड़ी से पहुंचे और नितीश को रोककर पूछताछ शुरू कर दी। नितीश ने खुद को वायुसैनिक बताते हुए शादी समारोह से लौटने की जानकारी दी।
आरोप है कि इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उनसे अभद्रता की। विरोध में नितीश ने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया, जिससे पुलिसकर्मी और अधिक नाराज हो गए। इसके बाद दरोगा ने चौकी प्रभारी समेत दो अन्य पुलिसकर्मियों को मौके पर बुला लिया और सभी ने मिलकर उनसे मोबाइल का लॉक खोलने का दबाव बनाया। इनकार करने पर उन्हें जबरन बोलेरो में बैठाकर घाटमपुर थाने ले जाया गया। वहां कथित तौर पर लात-घूंसे और डंडों से उनकी पिटाई की गई। मारपीट के दौरान उनके कान का पर्दा फट गया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। चोट होने के बावजूद भी पुलिस ने शांति भंग की धाराओं में चालान कर नितीश को रिहा कर दिया। वहीं पूरे मामले की जांच पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने पुलिस उपायुक्त दक्षिण को दी है।
पुलिस उपायुक्त दक्षिण दीपेन्द्र नाथ चौधरी ने बताया कि एक सैन्यकर्मी के साथ पुलिस द्वारा मारपीट का आरोप लगाया गया है। प्रकरण दिनांक 19/20-02-2026 की रात्रि का है, जब संदिग्ध अवस्था में जा रहे व्यक्ति से पहचान पत्र मांगा गया, जिसे वह प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस के अनुसार उक्त व्यक्ति द्वारा अभद्रता किए जाने पर उसे शांति भंग की आशंका में चालान किया गया।परिजनों द्वारा मारपीट का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया गया है। प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच उपरांत आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।