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Kanpur News:किडनी कांड में फरार ओटी टेक्नीशियन का सरेंडर, भेजा गया जेल

Kidney Scam Kanpur:कानपुर किडनी कांड में फरार ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली ने अदालत में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। पुलिस के अनुसार वह अवैध किडनी प्रत्यारोपण गिरोह का अहम सदस्य है।

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कानपुर में अवैध किडनी प्रत्यारोपण से जुड़े चर्चित मामले में फरार चल रहे ओटी टेक्नीशियन 25000 का इनामी मुदस्सर अली उर्फ डॉ. अली ने गुरुवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया है। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।

आरोपी के अधिवक्ता मोहित द्विवेदी के अनुसार, मुदस्सर अली एसीजेएम-6 की अदालत में पेश हुआ, जहां उसने सरेंडर किया। सुनवाई के दौरान विवेचक की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी इस मामले में वांछित था। इसके आधार पर अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

आरोपी के अधिवक्ता मोहित द्विवेदी ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल का नाम प्रारंभिक प्राथमिकी में दर्ज नहीं था। हालांकि, पुलिस जांच के दौरान उसका नाम सामने आया। इस संबंध में पूर्व में अदालत में आख्या दाखिल की गई थी। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 16 अप्रैल की तिथि निर्धारित करते हुए विवेचक मनोज कुमार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। गुरुवार को विवेचक रिपोर्ट के साथ अदालत में उपस्थित हुए और उन्होंने बताया कि मुदस्सर अली इस प्रकरण में वांछित आरोपी है। रिपोर्ट पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश पारित किया।

पुलिस जांच के अनुसार, मुदस्सर अली पर अवैध रूप से किडनी प्रत्यारोपण करने का आरोप है। प्राथमिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि वह ओटी टेक्नीशियन होने के बावजूद किडनी ट्रांसप्लांट जैसी जटिल प्रक्रियाओं में शामिल था। आरोप है कि उसने कानपुर में 30 से अधिक अवैध ऑपरेशन किए थे। जिसमें बाद से पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए नोएडा, गाजियाबाद और उत्तराखंड समेत कई स्थानों पर दबिश दी थी, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा था। अब उसके सरेंडर के बाद मामले की जांच को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में पुलिस अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि मुदस्सर अली से पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क और अवैध अंग प्रत्यारोपण गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकेगी। मामले की जांच जारी है।