LPG Cylinder Booking Rule:वैश्विक हालात के बीच गैस कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलिंडर बुकिंग का अंतराल 15 से बढ़ाकर 21 दिन कर दिया है। इससे कानपुर के करीब 13 लाख उपभोक्ता प्रभावित होंगे। ऊर्जा संकट के कारण सीएनजी और पीएनजी सप्लाई पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कानपुर।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और बदलते वैश्विक हालात का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। गैस कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलिंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव करते हुए अंतिम डिलीवरी के बाद अगली बुकिंग के लिए 21 दिन का अंतराल अनिवार्य कर दिया है। पहले यह अंतराल 15 दिन का था। नए नियम लागू होने से कानपुर जिले के करीब 13 लाख घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा।
अब सिलिंडर बुकिंग के लिए करना होगा इंतजार-
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नियमों में बदलाव के बाद उपभोक्ताओं को सिलिंडर की अगली बुकिंग के लिए अब छह दिन अधिक इंतजार करना पड़ेगा। गैस कंपनियों के मुताबिक वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध जैसे हालात और गैस सप्लाई चेन पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। कंपनियों का कहना है कि फिलहाल यह व्यवस्था अस्थायी है और जैसे ही अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होंगे, नियमों की फिर से समीक्षा की जा सकती है।
रसोई की व्यवस्था पर पड़ सकता है असर -
एलपीजी वितरक संगठन के संरक्षक भारतीष मिश्रा के अनुसार सीमित आपूर्ति के बीच सभी उपभोक्ताओं तक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना इस फैसले का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि शहर के उपभोक्ताओं में चिंता भी बढ़ गई है। कई इलाकों में पहले से ही गैस सिलिंडर की डिलीवरी में देरी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में बुकिंग के लिए अतिरिक्त इंतजार बढ़ने से घरेलू बजट और रसोई की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
सीएनजी और पीएनजी सप्लाई पर भी असर -
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक हालात का असर केवल एलपीजी तक सीमित नहीं रह सकता। एलएनजी की उपलब्धता कम होने की स्थिति में देश में सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। कानपुर में करीब दो लाख वाहन सीएनजी से चलते हैं, जबकि लगभग एक लाख घरों में पीएनजी गैस का उपयोग किया जाता है। वही उद्योग सूत्रों के मुताबिक कई औद्योगिक क्षेत्रों में गैस सप्लाई पहले ही करीब 40 प्रतिशत तक घटाई जा चुकी है। यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां और बिगड़ती हैं तो उद्योगों को मिलने वाली गैस में और कटौती की संभावना है, जिससे उत्पादन और रोजगार पर भी असर पड़ सकता है।
क्या कहते हैं लोग -
कानपुर के काकादेव निवासी गृहिणी सीमा श्रीवास्तव का कहना है कि पहले ही सिलिंडर की कीमत ज्यादा है, अब बुकिंग के लिए 21 दिन इंतजार करना पड़ेगा। इससे रसोई की योजना बनाना मुश्किल हो जाएगा और कई बार गैस खत्म होने का डर बना रहेगा।
कानपुर के बर्रा निवासी संदीप ने कहा कि कई बार बुकिंग के बाद भी सिलिंडर आने में 4-5 दिन लग जाते हैं। अब अगर बुकिंग का अंतराल भी बढ़ा दिया गया है तो लोगों को और ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
कानपुर के गोविंद नगर की रहने वाली रेखा का कहना है कि छोटे परिवारों में सिलिंडर थोड़ा ज्यादा चलता है, लेकिन बड़े परिवारों में एक सिलिंडर जल्दी खत्म हो जाता है। ऐसे में 21 दिन का नियम उनके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।
कानपुर के कल्याणपुर निवासी आदित्य तिवारी का कहना है कि अगर वैश्विक हालात की वजह से नियम बदला गया है तो लोग समझ सकते हैं, लेकिन गैस की डिलीवरी व्यवस्था भी मजबूत होनी चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को ज्यादा दिक्कत न हो।
कानपुर के आवास विकास ल निवासी राजेश मिश्रा का कहना है कि सरकार और कंपनियों को ऐसे समय में पीएनजी और अन्य विकल्पों को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि लोगों को गैस सिलिंडर पर पूरी तरह निर्भर न रहना पड़े।