
UP Assembly Election 2027: विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में केंद्रीय निर्वाचन आयोगने कानपुर जिला प्रशासन को अगले 72 घंटे के भीतर नोडल, जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती पूरी करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के निर्देश के मुताबिक 24 सितंबर की शाम तक तैनाती पूरी कर इसकी रिपोर्ट भेजनी होगी। कानपुर जिले की 10 विधानसभा सीटों के लिए कुल 16 नोडल अधिकारी, 44 जोनल मजिस्ट्रेट और 276 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। अधिकारियों की तैनाती के बाद उनके संबंधित क्षेत्रों में चुनावी तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण शुरू होगा।
चुनावी तैयारियों के तहत जिले के 867 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों का भी निरीक्षण कराया जाएगा। यहां व्यवस्थाओं के साथ सुरक्षा की स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। नोडल, जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान यह देखा जाएगा कि बूथों पर मतदाताओं और मतदान कर्मियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।
निरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल, पहुंच मार्ग, शौचालय, रैंप और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति देखी जाएगी। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था का भी विशेष रूप से आकलन किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से भी चुनाव संबंधी तैयारियों और मतदान केंद्रों से जुड़े कार्यों को लेकर गतिविधियां जारी हैं।
जिला प्रशासन विधानसभा चुनाव से जुड़ी विभागीय तैयारियों को दिसंबर तक पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है। मतदान केंद्रों के निर्धारण, ईवीएम की जांच, मतदान कार्मिकों की व्यवस्था, परिवहन और सुरक्षा से संबंधित तैयारियों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। कानपुर में EVM और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इससे पहले निर्वाचन आयोग की तैयारियों के तहत ईवीएम में दर्ज पुराने चुनावी डाटा को हटाने और एफएलसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जानकारी सामने आई थी।
चुनाव के दौरान पोलिंग पार्टियों की रवानगी और वापसी की व्यवस्था में बदलाव की तैयारी भी की जा रही है। अभी तक बड़ी संख्या में पोलिंग पार्टियों को मुख्य रूप से मंडी समिति से रवाना किया जाता रहा है। एक ही स्थान से बड़ी संख्या में पोलिंग पार्टियों के निकलने पर वाहनों की पार्किंग, कर्मचारियों की आवाजाही, यातायात नियंत्रण और निगरानी में परेशानी होती है। इसी को देखते हुए इस बार दो अलग-अलग स्थानों से पोलिंग पार्टियों को रवाना करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कानपुर की 10 विधानसभा सीटों को पांच-पांच के दो हिस्सों में बांटने की तैयारी है। दक्षिण क्षेत्र की विधानसभाओं के लिए मंडी समिति और उत्तर क्षेत्र की विधानसभाओं के लिए सीएसए मैदानको पोलिंग पार्टियों की रवानगी के संभावित केंद्र के तौर पर तैयार करने का प्रस्ताव है। प्रशासन का मानना है कि दो स्थानों से पोलिंग पार्टियों की रवानगी होने पर एक जगह वाहनों और कर्मचारियों का दबाव कम किया जा सकेगा। इससे मतदान सामग्री के वितरण, संबंधित विधानसभा क्षेत्र के लिए वाहनों की व्यवस्था और पोलिंग पार्टियों की निगरानी में भी सुविधा हो सकती है। हालांकि, दो स्थानों से पोलिंग पार्टियों की रवानगी की अंतिम व्यवस्था निर्वाचन आयोग की मंजूरी के बाद ही तय होगी।
ADM वित्त एवं राजस्व विवेक चतुर्वेदी के मुताबिक आयोग के निर्देश के अनुसार जल्द ही नोडल, जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती जिला निर्वाचन अधिकारी के स्तर से की जाएगी। जाम और भीड़ की समस्या कम करने तथा मतदान कर्मियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पोलिंग पार्टियों की रवानगी के लिए दो स्थानों का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। प्रस्ताव निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। आयोग की अनुमति मिलने के बाद उत्तर क्षेत्र की पोलिंग पार्टियों को सीएसए और दक्षिण क्षेत्र की पोलिंग पार्टियों को मंडी समिति से रवाना करने की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।