
Kanpur Weather:मानसून की रफ्तार फिलहाल कुछ धीमी पड़ गई है, जिसके चलते कानपुर मंडल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 घंटों में कानपुर मंडल के अधिकांश जिलों में मौसम करवट ले सकता है। कई स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए कम दबाव के क्षेत्र का असर आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी दिखाई दे सकता है।
कानपुर नगर और कानपुर देहात में दिनभर हल्के से मध्यम बादल छाए रहने की संभावना है। बीच-बीच में धूप निकलने से उमस बनी रहेगी, लेकिन दोपहर बाद या रात के समय कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। अधिक नमी के कारण महसूस होने वाला तापमान (रियल फील) 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा से 8 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
उन्नाव जिले में भी आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है। दोपहर या रात के समय 20 से 40 प्रतिशत तक छिटपुट बारिश और मेघगर्जन की संभावना जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम विभाग ने उन्नाव और कानपुर के आसपास के क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसका अर्थ है कि अचानक मौसम बदल सकता है और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं।
फर्रुखाबाद और कन्नौज में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। स्थानीय स्तर पर बादलों के बनने से कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इन जिलों में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं इटावा और औरैया में मौसम अधिकांश समय शुष्क रहेगा, लेकिन उमस काफी अधिक बनी रहेगी। दोपहर के बाद कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण आने वाले दिनों में मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। फिलहाल लोगों को दोपहर की तेज धूप और उमस से बचने की सलाह दी गई है। यदि गरज-चमक शुरू हो तो खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों को भी मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और कृषि कार्य मौसम के अनुसार करने की सलाह दी गई है। यदि बारिश होती है तो लोगों को उमस से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन मौसम में तेजी से बदलाव की संभावना बनी रहेगी।