
कानपुर। केडीए की एनफोर्समेंट टीम की मिलीभगत से अवैध निर्माणों का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. अलबत्ता अवैध निर्माण और भी बढ़ते जा रहे हैं. पिछले 3 महीने में 307 नए अवैध निर्माण है. यह हम नहीं कह रहे हैं. इसकी गवाही खुद केडीए की रिपोर्ट दे रही है. इसके अलावा दर्जनों अवैध बिल्डिंग के मामले सेटिंग-गेटिंग हो जाने के कारण केडीए से बाहर ही बाहर एनफोर्समेंट निपटा दिए हैं. शायद यही वजह है कि संडे सहित अन्य छुïट्टी के दिनों में अवैध निर्माणों की रोकथाम वाली स्पेशल टीमों का गठन बन्द कर दिया गया. इससे अवैध निर्माण की और बाढ़ आ गई है. मौके का फायदा उठाकर छुïट्टी के दिनों में धड़ल्ले से मनचाहे तरीके से निर्माण जारी रहते हैं.
300 से ज्यादा अवैध निर्माण
करंट फाइनेंशियल ईयर 300 से ज्यादा अवैध निर्माण हो गए. इनमें से लगभग 100 अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण आदेश भी जारी किए गए. पर एनफोर्समेंट टीम की अवैध निर्माणकर्ताओं के साथ सेटिंग-गेटिंग के कारण ये आदेश केवल फाइलों तक सीमित रह गए. 100 मे से केवल 2 अवैध निर्माण ही ध्वस्त किए गए हैं. इससे अवैध निर्माणकर्ताओं के हौसले और भी बुलंद हैं.
मामलों में हो रहा इजाफ़ा
एनफोर्समेंट टीम की इन कारगुजारियों के कारण कार्रवाई के लिए लटके मामलों की संख्या में और इजाफा होता जा रहा है. अब तक यह संख्या 7900 के पार तक पहुंच चुकी है. केडीए के सेक्रेटरी केपी सिंह ने बताया कि छुट्टी के दिनों के टीमें बनाई जाती है. इधर शायद ऐसा नहीं हो पाया है. अब संडे व अन्य छुट्टी के दिनों में अवैध निर्माण के लिए टीमें तैनात की जाएगी.
हो सकता है निलंबन
सीबीआई के मुकदमा दर्ज कर केडीए के असिसटेंट इंजीनियर राजीव गिरफ्तारी से एनफोर्समेंट टीम में अफरातफरी मची हुई है. एनफोर्समेंट सेक्शन में सन्नाटा छाया रहा है. ज्यादातर जेई नदारद रहे. एनफोर्समेंट इम्प्लाइज के मुताबिक राजीव गौतम के मामले के बाद से ज्यादातर एनफोर्समेंट जेई ने फील्ड से दूरी भी बना रखी है. अब वह एनफोर्समेंट टीम से हटने के लिए जुगाड़ लगा रहे है. ताकि राजीव गौतम के मामले के बाद उनकी गर्दन न फंसे. केडीए वीसी सौम्या अग्रवाल ने बताया कि आवास विकास विभाग को राजीव गौतम के पूरे मामले की रिपोर्ट भेज दी गई है. राजीव के निलंबन का अधिकार शासन को ही है.