
About Suspended DSP Rishikant Shukla: स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने सस्पेंड DSP ऋषिकांत शुक्ला के खिलाफ अपनी जांच में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में पता चला है कि शुक्ला ने भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और पावर के गलत इस्तेमाल से करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई।
ज्यादातर प्रॉपर्टी उनकी पत्नी, बेटे और भतीजे के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। जबकि कुछ बेनामी (अनजिस्टर्ड या प्रॉक्सी-ओन्ड) हैं। कभी "एनकाउंटर स्पेशलिस्ट" की नाम से फेमस हुए शुक्ला पर अपनी इमेज का इस्तेमाल कर लोगों को डराने-धमकाने का भी आरोप है।
SIT सूत्रों की माने तो शुक्ला अक्सर विवादित जमीनों पर झूठे केस दर्ज करते थे। साथ ही लोगों से बड़ी रकम वसूलने के लिए उन्हें रेप केस में फंसाने की धमकी भी देते थे। आरोप है कि वह माफिया डॉन अखिलेश दुबे के प्रभाव में काम करते थे और फर्जी एनकाउंटर और मनगढ़ंत FIR के जरिए लोगों से पैसे ऐंठते थे।
SIT को 52 शिकायतें मिलीं, जिनमें से एक दर्जन से ज्यादा सीधे शुक्ला के खिलाफ थीं। जांच के दौरान, अधिकारियों ने कानपुर और आस-पास के इलाकों में उनकी 12 मुख्य प्रॉपर्टी का पता लगाया। कानपुर में अपनी 10 साल की पोस्टिंग के दौरान, शुक्ला ने कथित तौर पर पॉश इलाकों में 11 दुकानें और 12 प्लॉट जमीने जमा की।
जांच में पाया गया कि उनकी पत्नी माफिया अखिलेश दुबे की एक रियल एस्टेट कंपनी में बिजनेस पार्टनर थीं, जबकि उनके बेटे का नाम 33 शेल कंपनियों में डायरेक्टर के तौर पर था। विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि अब बेहिसाब संपत्ति के मामले में जांच शुरू कर दी गई है।
DSP शुक्ला और अखिलेश दुबे के बीच कनेक्शन ऑपरेशन महाकाल के दौरान सामने आया। जो पूर्व कानपुर पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार द्वारा शुरू किया गया। इस ऑपरेशन के तहत, जबरन वसूली और फर्जी केस रैकेट के लिए कई वकीलों, पुलिस अधिकारियों और पत्रकारों की जांच की गई। माफिया अखिलेश दुबे को इस ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया गया था, उन पर लोगों को फर्जी मामलों में फंसाने और करोड़ों रुपये वसूलने का आरोप था।
ऋषिकांत शुक्ला मूल रूप से देवरिया के रहने वाले हैं। 1998 में सब-इंस्पेक्टर के तौर पर पुलिस फोर्स में शामिल हुए थे। उन्हें 2021 में एडिशनल SP और बाद में अप्रैल 2024 में DSP के पद पर प्रमोट किया गया था।