नगर निगम में कर्मचारी पार्षदों को पानी जूठा कर पिलाते थे। यही नहीं खाद्य पदार्थों में थूक देता था। इसकी जानकारी मिलते ही पार्षदों में नाराजगी छा गई। उन्होंने दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस संबंध में अपर नगर आयुक्त को जांच दी है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल केयरटेकर ने दोनों ही विवादित कर्मचारियों को वहां से हटा दिया।
कोविड-19 संक्रमण काल में जब छुआछूत को लेकर तमाम प्रकार की बंदी से लगाई गई थी। अभी भी कोविड-19 का भाई लोगों में व्याप्त है। इसके बाद भी कानपुर नगर निगम में ऐसा मामला सामने आया है। जहां आउटसोर्सिंग कर्मचारी पार्षदों को जूठा पानी पिलाता था। यही नहीं खाद्य सामग्री में थूक भी देता था। मामला सामने आने के बाद पार्षदों ने जमकर हंगामा किया और केयरटेकर का घेराव किया। पार्षदों का कहना था कि आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। पार्षदों की नाराजगी और मांग को देखते हुए केयरटेकर ने दोनों ही विवादित कर्मियों को हटा दिया। नगर आयुक्त ने मामले की जांच अपर नगर आयुक्त को दी है।
कानपुर नगर निगम में तौफीक, मोबिन नाम के दो कर्मचारी करते थे। जिन पर आरोप है कि पार्षदों को दिए जाने वाले खाद्य सामग्री को जूठा करके देते थे। विरोध करने वालों में पार्षद विकास जयसवाल, राघवेंद्र मिश्रा, नीरज त्रिपाठी, नमिता मिश्रा, महेंद्र पांडे, विकास जयसवाल, निर्मल मिश्रा, राधा पांडे आदि शामिल है। पार्षदों ने बताया कि पुरुष कक्ष में तैनात कर्मचारी तौफीक खाद्य व पेय पदार्थ जूठा या थूक कर देता था। जिस पर पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने इस विषय में केयरटेकर सुनील निगम से भी बातचीत की।
नगर आयुक्त ने कहा
पार्षदों की नाराजगी को देखते हुए केयरटेकर सुनील निगम ने दोनों कर्मचारियों से पूछताछ की तो मामले की पुष्टि हुई। जानकारी हुई कि अधिकांश लोगों को झूठा पानी पिलाता है। सुनील निगम ने बताया कि तौफीक और मोवीन हटा दिया गया है। इसकी जांच भी कराई जा रही है। नगर आयुक्त शिव शरणप्पा ने बताया कि घटना की जांच अपर नगर आयुक्त को दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी।