अखिलेश यादव ने कहा कि नोटों की गड्डी से पता चलेगा कि यह रुपैया कब और कहां से निकला है। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में प्रदेश में नोट मिला है। इसमें किसकी गलती है। बोले डिजिटल इंडिया की गलती से यह छापा बीजेपी व्यापारी के यहां पड़ गया।
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
उन्नाव. कानपुर और कन्नौज में डीजीजीआई के छापा मारने की कार्रवाई पर अखिलेश यादव ने कहा यह डिजिटल इंडिया की गलती के कारण हो गया था। डालना कहीं और था पड़ कहीं और गया। अखिलेश यादव साथ लेकर चल रहे पत्रकारों से बातचीत करते हुए उक्त विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पहले पत्रकारों से कहा गया कि समाजवादी इत्र के समाजवादी व्यापारी के घर छापा डाला गया है। लेकिन समय के साथ लोगों के समझ में यह बात आ गई कि छापा कहां पड़ रहा है।
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पीयूष जैन को समाजवादी बताया गया
अखिलेश यादव ने कहा पीयूष जैन मामले में बताया गया कि पत्रकार साथियों के माध्यम से लोगों के बीच प्रचारित किया गया कि वह समाजवादी पार्टी का है। लेकिन दोपहर आते-आते स्पष्ट हो गया कि का समाजवादी पार्टी का नहीं है। सुबह हैडलाइन चल रही थी की समाजवादी पार्टी के इत्र व्यापारी लेकिन दोपहर तक आते-आते बदल गया।
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सीडीआर की जांच हो, बीजेपी नेताओं के नाम आएगा
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी में जगह छापा डलवा दिया। अपने ही कारोबारी पर छापा मार दिया। सीडीआर निकलवा कर जांच की जाए अगर एक एक भाजपा का नाम ना निकले तो बताइएगा। उन्होंने पूछा पीयूष जैन जिनके घर में, बेसमेंट में, अलमारी में, दीवारों में नोट निकल रहे हैं इसका जिम्मेदार कौन है? इत्र वाले व्यापारी पुष्पराज जैन के यहां छापा मारना चाहते थे, लेकिन डिजिटल इंडिया की गलती के कारण पीयूष जैन के यहां छापा पड़ गया। डिजिटल इंडिया की गलती के कारण पुष्पराज जैन की जगह पीयूष जैन का नाम आ गया। उत्तर प्रदेश में इतना रुपया किसी के पास नहीं निकला होगा। इसका जवाब कौन देगा कि इतना रुपया कहां से आया। बैंकों से पूछा जाए। जिस बैंक से यह गड्डियां निकली है वह बैंक पूरी जानकारी देगा। नंबरों से भी पता चल जाएगा कि किस बैंक से और कब निकला है पैसा।
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जीएसटी योजना फेल हुई
नोट बंदी के कारण अर्थव्यवस्था नहीं सुधरी है। नोटबंदी की योजना पूरी तरह फेल हो गई है। जीएसटी जिस तरह से लागू होना चाहिए जिससे कि व्यापारियों को लाभ मिलना चाहिए था। जीएसटी योजना भी उनकी फेल हुई है।