जबकि कानपुर में कम बारिश की संभावना है।
कानपुर-पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष सितंबर माह लोगों पर गर्मी और उमस का सितम ढा रहा है। मानसून होने के बावजूद बारिश किनारा कर रही है। इससे इस उमस भरी गर्मी में लोगों का जीना मुहाल है। वहीं दूसरी तरह फसलों को लेकर किसानों की चिंता भी कुंडली मारकर बैठी है। वर्षा ऋतु के शुरुवाती दौर में कानपुर, उन्नाव, लखनऊ सहित आसपास जिलों में सामान्य बारिश रही, लेकिन सितंबर माह में रूठे बादल लोगों को बारिश के लिए तरसा रहे हैं। घर हो या बाहर, लोग उमस भरी गर्मी से कराह रहे हैं। घरों में एक बार फिर से एसी, कूलर व पंखा की मशक्कत बढ़ गई है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में बारिश से राहत मिल सकेगी।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले सप्ताह बारिश की ये शिकायत दूर होने की संभावना है। तब तक लोगों को इस समस्या को सहन करना होगा। मानसून हिमालय की तलहटी की तरफ रुख कर रहा है, इसलिए मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह संभव होगा। खाड़ी व अरब सागर के भिन्न भिन्न क्षेत्रों में कम वायुदाब विकसित होने से यह अनुमान लगाया जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाकों व उत्तराखंड में बादल बरस सकते हैं। जबकि कानपुर में कम बारिश की संभावना है। यूपी के पश्चिमी और मध्य भागों में इस सप्ताह मौसम साफ और शुष्क रहेगा। तापमान बढ़ने पर उमस भरी गर्मी का प्रकोप रहेगा।
कानपुर के सीएसए के मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार मानसून बंगाल की खाड़ी से छत्तीसगढ़, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब की ओर बन रहा है। दूसरी तरफ महाराष्ट्र और अरब सागर से भी है। मानसून सिस्टम के चलते कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असोम, सिक्किम, आंध्र प्रदेश आदि जगहों पर तेज बारिश के आसार हैं। जबकि बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, केरल आदि हिस्सों में महज राहत मिल सकती है। वहीं कानपुर, लखनऊ, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, एटा, बुलंदशहर, झांसी, मेरठ, मुरादाबाद आदि जिलों में बारिश के आसार बहुत कम हैं।