
कानपुर. भाजपा लोकसभा चुनाव से पहले निकाय चुनाव को सेमीफाइनल के तौर पर लड़ी। इस दौरान चुनाव की कमान सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों में लेकर जमकर प्रचार किया। जिसका असर शुक्रवार को दिखा। नौबस्ता गल्लीमंडी में वोटों की गिनती सुबह शुरू हो गई और दोपहर पौने एक बजे तक भाजपा की मेयर प्रत्याशी प्रेमिला पांडेय कांग्रेस की वंदना मिश्रा से करीब दस हजार वोटों से आगे चल रही हैं। भाजपा को 44925, कांग्रेस को 34213, सपा 16306 और बसपा को 12794 अभी तक मत मिले। वहीं 110 में से भाजपा 55 वार्डों में बढ़त बनाए हुए हैं। भाजपा कानपुर की लोकल एसेंबली में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने की ओर अग्रसर है।
2012 में भाजपा के पास 27 पार्षद थे। 2017 में भाजपा ने अबकी बार 80 के पार का नारा देकर चुनाव में उतरी थी। वही पहली बार एआईएमएम ने अपने प्रत्याशी निकाय चुनाव में उतारे थे। कानपुर में पार्टी को पहली जीत हासिल हुई। चुन्नींगज के वार्ड संख्या तीन से शरद कुमार सोनकर ने सपा प्रत्याशी को आठ सौ मतों से हराकर पार्षद चुने गए। ओवैसी की पार्टी की जीत के चलते सपा, बसपा और कांग्रेस के अंदर खलबली मच गई।
कांग्रेस दूसरे स्थान पर चल रही
शुरुआत के एक घंटे में आए रूझानों के अनुसार भाजपा मेयर प्रत्याशी प्रमिला पाण्डेय व बसपा प्रत्याशी अर्चना निषाद में कुछ देर के लिए टक्कर देखने को मिली। लेकिन ज्यों ही गिनती आगे के चरणों की शुरू हुई भाजपा मेयर प्रत्याशी लगातार आगे बढ़ती जा रही हैं। तो दूसरे स्थान के लिए कांग्रेस प्रत्याशी वंदना मिश्रा भी लगी हुईं है। भाजपा प्रत्याशी 44925 मत, कांग्रेस प्रत्याशी 34213 मत, सपा प्रत्याशी माया रतन गुप्ता 16306 मत व चौथे स्थान पर बसपा की अर्चना निषाद 12794 मत पा चुकी थी। रूझानों के अनुसार एक फिर भाजपा कानपुर नगर निगम पर काबिज होती दिखाई दे रही है। जिससे कानपुर में भाजपा की लगातार तीसरी जीत हो जाएगी।
वार्ड तीन से ओवैसी को मिली जीत
चुन्नीगंज वार्ड संख्या तीन से एआईएमएम के उम्मीदवार शरद कुमार सोनकर जीत दर्ज की है। कानपुर में पहली बार ओवैसी के दल का खाता खुला है। 15 वार्डो के परिणाम आ चुके हैं, जिसमें 13 भाजपा, एक कांग्रेस और एक वार्ड में ओवैसी की पार्टी का प्रत्याशी जीता है। वहीं 55 भाजपा प्रत्याशी विपक्षियों से आगे चल रहें है। लेकिन वार्ड 76 में भारी फेरबदल दिखाई दिया। जहां पर भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष 500 वोटों से सपा के अमित मेल्होत्रा से चुनाव हार गयें। चुनाव के दौरान सपा छोड़कर भाजपा में आए निर्वतमान पार्षद नवीन पंडित भी चौथी बार नगर निगम पहुंचने में सफल रहें।
यहां वरुण हारे, राहुल जीते
कानपुर के वार्ड 85 लाजपत नगर में पार्षद पद के लिए दो भाइयों में आपस में टक्कर थी। वार्ड 85 से अमनदीप सिंह गंभीर और परमवीर सिंह गंभीर दो भाई चुनाव मैदान में आमने सामने थे। अमनदीप सिंह गंभीर कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार है तो वहीं परमवीर सिंह गंभीर बीजेपी के पार्षद पद के प्रत्याशी थे। लेकिन मतगणना के दिन राहुल की करीबी अमनदीप ने वरुण के करीबी परमवीर सिंह को छह वोटों से हरा दिया और यहां से पार्षद चुने गए। जीत के बाद बड़े भाई ने छोटे परमवीर को गले लगाया तो छोटे ने भी बड़े को जीत की बधाई दी।
तो पार्षद बनकर जाएंगी हनीमून
नवाबगंज से वर्तमान से पार्षद राजकिशोर ने महिला सीट हो जाने के चलते बिना मुहूर्त के सात फेरे ले लिए। उन्होंने 31 अक्टूबर को नेहा यादव के साथ शादी की और अगले दिन सपा के उम्मीदवार के तौर पर नमांकन कर चुनाव-प्रचार में पति-पत्नी उतर गए। नेहा को लोगों ने हाथों हाथ लिया। नेहा ने भी मुहं दिखाई के तौर वोट मांगा। जनता ने अपनी बहू, भाभी को समर्थन देकर पार्षद बनवा दिया। नेहा यादव निर्दलीय हमीदा बेगम को आठ सौ मतों से हरकार चुनाव जीता। नेहा ने जीत के बाद कहा कि मैंने अपने वार्ड को आदर्श वार्ड बनानऊंगी।