कानपुर

जूना अखाड़ा के संरक्षक नारायण गिरी बोले- शंकराचार्य का प्रमाण पत्र मांगने का अधिकार किसी को नहीं।

Juna Akhada Sanrakshak Narayan giri Maharaj कानपुर में जूना अखाड़ा के संरक्षक नारायण गिरी महाराज ने शंकराचार्य विवाद, यूजीसी और सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी है। बोले शंकराचार्य होने का प्रमाण पत्र मांगने का अधिकार किसी अधिकारी को नहीं है।
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Updated: 29 Jan 2026, 12:26 PM IST
नारायण गिरी महाराज, फोटो सोर्स- 'X' महंत जगदीश्वर दास
फोटो सोर्स- 'X' महंत जगदीश्वर दास

Juna Akhada Sanrakshak Narayan Giri Maharaj कानपुर में जूना अखाड़ा के संरक्षक और अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता नारायण गिरी महाराज ने कहा कि प्रयागराज में शंकराचार्य विवाद एक अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र भी हो सकता है। साधु संतों को लड़ा कर मुख्यमंत्री की छवि को खराब करने का प्रयास हैं। वे प्रधानमंत्री की दौड़ में शामिल हैं। षड्यंत्र का कारण यह भी हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने यूजीसी के नए कानून पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में दंगा करने की साजिश हो सकती है। नारायण गिरी महाराज श्री आनंदेश्वर महादेव मंदिर में आये थे।

सर्टिफिकेट मांगने का अधिकार किसी को नहीं

उत्तर प्रदेश के कानपुर पहुंचे जूना अखाड़ा के संरक्षक और अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता नारायण गिरी महाराज ने कहा कि किसी भी अधिकारी को यह अधिकार नहीं है कि वह साधु से प्रमाण पत्र मांगे। यह गलत है। शंकराचार्य कौन है और कौन नहीं। यह काशी और अखाड़ा पर निर्भर करता है। दूसरी तरफ उन्होंने प्रयागराज में हुए विवाद के संबंध में कहा कि शंकराचार्य के साथ चलने वाले छोटे-छोटे बच्चे बयान दे रहे हैं। इन नाबालिक बच्चों को इसकी समझ नहीं है। लेकिन शंकराचार्य को समझाना चाहिए। वायरल वीडियो में यह भी दिखाई पड़ रहा है कि बटूक पुलिस के साथ हाथापाई की। दोनों तरफ से गलतियां हुई है।

यूजीसी का नया कानून देश में दंगा करने की साजिश

यूजीसी के नए नियमों पर नारायण गिरी महाराज ने कहा कि देश में जातीय दंगा करने की बड़ी साजिश के लिए यह नियम बनाया गया है। जिसे बिना देरी के वापस लेना चाहिए। क्योंकि यह देश हित में नहीं है। उन्होंने किसी प्रकार के संशोधन की बात को भी पूरी तरह से इंकार कर किया। वापस लेना ही राष्ट्र हित में है।

समाजवादी मानसिकता के अधिकारी माहौल बिगाड़ रहे

उन्होंने कहा कि अभी भी समाजवादी मानसिकता के अधिकारी हैं जो माहौल को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विवाद में अपनी तरफ से कुछ भी नहीं कहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री की दौड़ में शामिल हैं। उनके खिलाफ इस प्रकार की घटनाएं साजिश की देन हैं। ‌

व्यक्तिगत स्वार्थ में अधिकारी दे रहे हैं इस्तीफा

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी और कहा कि निजी स्वार्थ के कारण यह इस्तीफा हो सकता है। देश में बने माहौल का राजनीतिक लाभ उठाने के लिए इस प्रकार की बातें सामने आती हैं।

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29 Jan 2026, 12:26 PM IST
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