कानपुर

अब नहीं चलेगी मनमानी : सात रंगों में बंधे ई-रिक्शा, सड़कों पर डिजिटल चक्रव्यूह

Kanpur news : ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने नई हाईटेक योजना लागू की है। ई-रिक्शा सात रंगों वाले तय रूटों पर चलेंगे और क्यूआर कोड के जरिए आईटीएमएस से निगरानी होगी। इससे चोरी, रूट उल्लंघन और ट्रैफिक अव्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

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Feb 20, 2026

कानपुर। अब शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा न तो मनमर्जी से रूट बदल सकेंगे और न ही चोरी के बाद गुमनाम रहेंगे। कानपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को स्मार्ट और सुरक्षित बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने ऐसा मास्टर प्लान तैयार किया है, जो ई-रिक्शा संचालन की तस्वीर ही बदल देगा। इस प्लान के तहत ई-रिक्शा अब सात अलग-अलग रंगों वाले तय रूटों पर चलेंगे और हर मूवमेंट पर इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) की पैनी नजर रहेगी।

चलेगा विशेष पंजीकरण अभियान -

दरअसल, शहर में ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ी है। इससे जहां यात्रियों को सुविधा मिली, वहीं ट्रैफिक जाम, रूट उल्लंघन और चोरी जैसी समस्याएं भी सामने आईं। इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए यह हाईटेक योजना बनाई गई है। ट्रैफिक अधिकारियों के मुताबिक 25 फरवरी से 5 मार्च तक शहर के 37 थानों और ट्रैफिक कार्यालय में विशेष पंजीकरण अभियान चलेगा, जिसमें पहले चरण में 10 हजार ई-रिक्शा को शामिल किया जाएगा। इस दौरान ई-रिक्शा मालिकों और चालकों को निःशुल्क बारकोड और क्यूआर कोड दिए जाएंगे।

कैसे होगा पंजीकरण -

ई-रिक्शा मालिक को रजिस्ट्रेशन, बीमा, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और फिटनेस प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। दस्तावेज सत्यापन के बाद थाने में तीन स्लिप तैयार होंगी। एक स्लिप पुलिस रिकॉर्ड में सुरक्षित रहेगी, जबकि दो स्लिप लेकर चालक ट्रैफिक लाइन पहुंचेगा। यहां उसे उसके निर्धारित रूट का क्यूआर कोड और रंगीन पट्टी दी जाएगी, जिसे ई-रिक्शा पर लगाना अनिवार्य होगा।

रंग बताएंगे रूट -

लाल, हरा, धानी, जामुनी, गुलाबी, नीला और पीला—ये सात रंग अब ई-रिक्शा के लिए पहचान बनेंगे। रंग देखकर ही ट्रैफिक पुलिस समझ सकेगी कि वाहन सही जोन में है या नहीं। इससे नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई आसान होगी।इस योजना का सबसे बड़ा फायदा सुरक्षा के रूप में सामने आएगा। हर ई-रिक्शा का डाटा पुलिस सर्वर पर दर्ज रहेगा। यदि कोई वाहन चोरी होता है या अपने रूट से भटकता है, तो आईटीएमएस कैमरों की मदद से उसे कुछ ही समय में ट्रैक किया जा सकेगा।

Updated on:
20 Feb 2026 05:37 pm
Published on:
20 Feb 2026 05:36 pm
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