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बारिश अब नहीं बनेगी विलेन! 15 मिनट में खेलने लायक होगा ग्रीनपार्क, 45 करोड़ से होगा हाईटेक मेकओवर

Rain-Proof GreenPark: ग्रीनपार्क स्टेडियम को आधुनिक ड्रेनेज तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने 45 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। वैक्यूम-पावर्ड ड्रेनेज और सब-एयर सिस्टम से भारी बारिश के बाद भी 15 मिनट में मैदान खेलने योग्य होगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय व घरेलू मैचों में बाधा कम होगी।

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कानपुर। कभी बारिश तो कभी जलभराव के कारण मैच रुकने की बदनामी झेल चुका ग्रीनपार्क स्टेडियम अब तकनीक के दम पर नई पहचान बनाने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने स्टेडियम के कायाकल्प के लिए 45 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया है। इस राशि से मैदान में अत्याधुनिक सब-सरफेस एरिएशन और वैक्यूम-पावर्ड ड्रेनेज सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे तेज बारिश के बाद भी महज 15 मिनट में आउटफील्ड पूरी तरह सूख जाएगी।

प्रति मिनट 10 हजार लीटर पानी बाहर निकालने में सक्षम -

नई ड्रेनेज तकनीक की खासियत यह है कि यह प्रति मिनट करीब 10 हजार लीटर पानी जमीन के भीतर खींचकर बाहर निकालने में सक्षम होगी। इसके साथ सब-एयर सिस्टम घास की जड़ों तक हवा पहुंचाएगा, जिससे मैदान जल्दी सूखेगा और पिच की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहेगी। इसके लिए विशेष जियो फैब्रिक क्लॉथ और आधुनिक सरफेस मटीरियल का इस्तेमाल किया जाएगा। उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के सूत्रों का कहना है कि यह तकनीक पहले से देश के बड़े स्टेडियमों—जैसे नरेंद्र मोदी स्टेडियम, बेंगलुरू, वाराणसी और धर्मशाला—में सफलतापूर्वक अपनाई जा चुकी है। इसके मुकाबले ग्रीनपार्क में अब तक पारंपरिक ड्रेनेज सिस्टम ही था, जो तेज बारिश में नाकाम साबित होता रहा।

ढाई दिन का खेल हुआ था प्रभावित -

यूपीसीए के सीईओ अंकित चटर्जी के मुताबिक 2024 में भारत-बांग्लादेश टेस्ट मैच के दौरान बारिश से ढाई दिन का खेल प्रभावित हुआ था। इसी घटना ने ग्रीनपार्क की बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर सवालों के घेरे में ला दिया। उस समय सुधार की योजना बनी, लेकिन बजट न मिलने से मामला अटक गया। अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की तकनीकी टीम के सुझाव और सरकार की मंजूरी के बाद यह बहुप्रतीक्षित परियोजना जमीन पर उतरेगी। इसके बाद ग्रीनपार्क न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मुकाबलों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार रहेगा, बल्कि बारिश भी क्रिकेट के रोमांच में खलल नहीं डाल पाएगी।