
कानपुर। साइबर ठगों ने फर्जी फर्म खड़ी कर मध्य यूरोप के देश चेक गणराज्य के कारोबारी गिरि जनजीला से करीब दो करोड़ रुपये (लगभग दो लाख डॉलर) की ठगी कर ली। कारोबारी ने पुलिस आयुक्त को ई-मेल भेजकर शिकायत की तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जांच शुरू होते ही पनकी थाने में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी गई थी। पुलिस ने दो साइबर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि पनकी के अपट्रान इस्टेट स्थित वर्धमान इंडस्ट्रीज के नाम से इंटरनेट मीडिया के जरिए विदेशी कारोबारी से संपर्क किया गया। आरोपितों ने सस्ते दाम पर सरिया उपलब्ध कराने का झांसा दिया। झांसे में आकर कारोबारी ने लगभग दो करोड़ रुपये केनरा बैंक में वर्धमान इंडस्ट्रीज के खाते और इंडियन बैंक के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इन खातों के पते नौबस्ता के पशुपति नगर, मछरिया रोड दर्शाए गए थे।
जांच में खुलासा हुआ कि रकम मिलते ही दोनों खातों से पूरी धनराशि मुंबई की अलग-अलग बैंकों के तीन खातों में स्थानांतरित कर दी गई। इनमें नेशनल स्टील एंड फेरो अलॉय इंडस्ट्रीज के नाम से भारत कोऑपरेटिव बैंक का खाता, जोगेश्वरी (बेहरामबाग शक्ति नगर) स्थित ठाणे जनता सहकारी बैंक लिमिटेड, चारकोप शाखा में केयरा इंपेक्स इंडिया फर्म का खाता तथा बोरीवली वेस्ट के पैराडाइज हाइट्स, म्हाडा कॉम्प्लेक्स, चिक्कूवाड़ी स्थित एक अन्य खाते में रकम भेजी गई।
विदेशी नागरिक से साइबर धोखाधड़ी के इस संगठित मामले में पनकी पुलिस और साइबर सेल पश्चिम जोन की संयुक्त टीम गठित की गई। सुरागरसी के बाद अपट्रान स्टेट, पनकी से अमित ओम प्रकाश शर्मा (46) निवासी रतन सिंह कॉलोनी, सीपरी कॉलोनी, झांसी और आकाश कुमार (30) निवासी बी-207, मछरिया नौबस्ता, पशुपति नगर, बर्रा कानपुर नगर को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपितों के पास से 20,150 रुपये नकद, टाटा हैरियर कार (एमएच 47 बीके 4078), एक लैपटॉप व चार्जर, चार मोबाइल फोन, 13 चेकबुक, आठ पासबुक, नौ एटीएम कार्ड, चार पृष्ठ का रेंट एग्रीमेंट, तीन आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, दो मतदाता पहचान पत्र, दो ड्राइविंग लाइसेंस, एक आरसी, दो स्टांप, एक पर्स और एक पिट्ठू बैग बरामद किए गए। इसके अलावा साइबर फ्रॉड से जुड़े विभिन्न बैंक खातों में करीब 1.30 करोड़ रुपये की धनराशि पुलिस ने सीज कर दी है।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम.कासिम आबिदी ने बताया कि दोनों आरोपितों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों की तलाश में जुटी है। मामले में बैंक खातों के संचालन, फर्जी दस्तावेजों और अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी गहन जांच की जा रही है।
Published on:
19 Feb 2026 08:48 pm
बड़ी खबरें
View Allकानपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
