कानपुर

IPS सुरेंद्र दास सुसाइड केस की जांच पूरी, बैचमेट साथी एसपी की रिपोर्ट में सभी बरी

सरकारी आवास पर खाया था जहर, मौत के बाद भाई व मां ने सुरेंद्र दास की पत्नी पर लगाया था सुसाइड करने का आरोप, ससुर ने भी डीजीपी से पूरे पकरण की जांच कराए जाने की थी मांग

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Oct 17, 2018
IPS सुरेंद्र दास सुसाइड केस की जांच पूरी, बैचमेट साथी एसपी की रिपोर्ट में सभी बरी

कानपुर। एसपी पूर्वी के पद पर तैनात रहे आईपीएस सुरेंद्र दास सुसाइड केस की जांच पूरी हो गई है। उन्हीं के बैचमेट रहे एसपी पच्छिम संजीव सुमन ने कई दिनों तक जांच पड़ताल की। इस दौरान दिवंगत एसपी की पत्नी डॉक्टर रवीना, ससुर डॉक्टर राजेंद्र सिंह, मां, भाई नरेंद्र बहन नेहा के अलावा सहारनपुर और आंबेडकर नगर में तैनाती के दौरान उनके साथ रहे पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की गई। एसपी सुमन ने जांच के बाद पाया कि आइपीएस सुरेंद्र दास की आत्महत्या की वजह उनकी अपनी सोच व खुद की बनाई परिस्थितियां थी। इसके चलते उन्होंने जहरीला पदार्थ खाने जैसा आत्मघाती कदम उठाया। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में परिजन को क्लीनचिट दे दी है। जल्द ही वो रिपोर्ट अलाधिकारियों को सौंप देंगे।

क्या है पूरा मामला
यूपी काडर के 30 वर्ष के आइपीएस सुरेंद्र दास ने 5 सितंबर की रात घर में जहर खा लिया था। पत्नी डॉक्टर रवीना उन्हें लेकर रीजेंसी हॉस्पिटल गई। जहां चार दिन तक डॉक्टर्स ने उन्हें बचाने के लिए दिनरात एक कर दिए, पर जहर की मात्रा अधिक होने के चलते उनकी मौत हो गई थी। आईपीएस की मौत के बाद उनकी मां इंदु और भाई नरेंद्र ने सुसाइड के पीछे पत्नी का हाथ बताया था। नरेंद्र ने कानपुर के एसएसपी को पत्र देकर पूरे प्रकरण की जांच कराए जाने की मांग की थी। इसी बीच आईपीएस सुरेंद्र दास के ससुर डॉक्टर राजेंद्र सिंह ने भी यूपी के डीजीपी को पत्र लिखा और दमाद के जाने देने की वजह उनके मां, भाई और बहन पर लगाया। एडीजी ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए 2014 बैच के आईपीएस और सुरेंद्र दास के मित्र संजीव सुमन को जिम्मेदारी दी। एसपी सुमन ने 20 दिनों तक लगातार इस केस को खंगाला और दोनो पक्षों के बयान लिए और जांच में सभी को बरी कर दिया।

नहीं मिले कोई सबूत

एसपी सुमन के मुताबिक आइपीएस सुरेंद्र दास के लिखे सुसाइड नोट, पत्नी डॉक्टर रवीना, मां इंदु व भाई नरेंद्र के बयान के साथ ही दोनों के परिजन (रवीना व सुरेंद्र), कानपुर, सहारनपुर व अंबेडकरनगर में तैनात रहे सहकर्मियों के बयान, ई-मेल व वाट्सएप चैटिंग आदि से बिंदुवार तथ्यों को जुटाया गया। अभी तक की जांच में कोई ऐसा तथ्य सामने नहीं आया जिससे सुरेंद्र या रवीना समेत उनके परिजन को सुसाइड का कारण माना जाए। सोमवार को डॉक्टर. रवीना और मंगलवार को सुरेंद्र की मां इंदूदेवी व भाई नरेंद्र को बुलाकर फिर से सभी तथ्यों पर बात हुई। इसके बाद उन्हें जांच किस दिशा में जा रही है, उससे अवगत करा दिया गया। जल्द ही जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। मंगलवार को आईपीएस की मां और भाई मीडिया से बचते हुए पुलिस के पास गए और अपने बयान दर्ज करा चले गए। जानकारों की मानें तो अब दोनों पक्ष किसी तरह के कानूनी पचड़े में नहीं पड़ना चाहता।

लेटर में बीवी को लिखा लव यू
पांच सितंबर को जब सुरेंद्र ने जहर खाया था तो पुलिस ने सात लाइन का सुसाइड नोट बरामद किया था। लाल रंग की सुर्ख स्याही वाली पेन से यह लेटर लिखा गया था। जिसमें सुरेंद्र ने पत्नी डॉक्टर रवीना सिंह को आइ लव यू लिखते हुए कहा था कि उनकी मौत के पीछे किसी का हाथ नहीं है। आइपीएस बनने के बाद सुरेंद्र दास को काबिल जीवनसंगिनी की तलाश थी। वर्ष 2017 में उन्होंने मेट्रोमोनियल साइट्स पर अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। साइट्स पर एक दूसरे की प्रोफाइल देखने के बाद उनके बीच जान-पहचान हुई थी। मां के साथ बाद में सुरेंद्र पेशे से चिकित्सक डॉक्टर रवीना के घर गए थे। लड़की पसंद आने पर कानपुर के सर्वोदय नगर स्थित ईएसआई निदेशालय में मेडिकल ऑफीसर डॉक्टर रावेंद्र सिंह की बेटी डॉक्टर रवीना से 9 अप्रैल 2017 को उनकी शादी हुई.।

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Published on:
17 Oct 2018 08:15 pm
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