Mango in UP: उत्तर प्रदेश में अब तरह-तरह के आम उपलब्ध हो रहे हैं। लाल, काला और बैंगनी तैयार हुआ है। खासबात ये है कि बहुत...
हरा, पीला ही नहीं यहां पर बैंगनी, काला, लाल आम भी तैयार हैं। जो देखने के साथ ही खाने में भी बड़े स्वादिष्ट होते हैं। अपने रंगों की वजह से यह आम आसपास के क्षेत्रों में काफी चर्चित हैं। यहीं नहीं यहां पर आम को तोड़ने के लिए सीढ़ी व बांस आदि की जरूरत भी नहीं पड़ती। यहां पेड़ के पास खड़े होकर आसानी से आम तोड़े जा सकते हैं। इस बाग को तैयार किया है एक वृद्ध किसान ने। इस बाग में सभी पेड़ बौनी प्रजाति के हैं, इसलिए आम तोड़ने के लिए लकड़ी की सीढ़ी आदि के भी प्रयोग करने की जरूरत नहीं होती है। बाग को आम्रपाली, अरुणिका और अम्बिका नामक आम की प्रजातियों को तैयार किया गया है।
छोटे छोटे पेड़ों में तैयार हैं आम
फतेहपुर निजामपुर निवासी अब्दुल सलाम ने कई बीघे जमीन में आम का बाग तैयार किया है। इस बाग की खासियत यह है कि इस बाग में सभी पेड़ बौनी प्रजाति के है। इसलिए आम तोड़ने के लिए लकड़ी की लग्घी या सीढ़ी की जरूरत नहीं पड़ती है। इन पेड़ों पर लगे आम हांथ से ही तोड़े जा सकते है। किसान अब्दुल सलाम ने बताया कि करीब 10 साल पहले उधान विभाग हरदोई की तरफ से एक योजना के तहत आम्रपाली प्रजाति के पेड़ मिले थे। इन पेड़ों को लगाने के तीन साल बाद ही फल आने लगे थे।
सभी फलों से महंगा होता है ये आम
अब हर साल इसमें फल आते है। आम्रपाली के फल जुलाई के अंतिम सप्ताह में पकते हैं। इसके फल गूदादार व पतली गुठली वाले होते है। इसका फल सभी फलों से महंगा बिकता है। उन्होंने बताया कि तीन साल पहले इन्होंने राष्ट्रीय पोषण बागबानी संस्थान रहमानखेड़ा लखनऊ से अरुणिका और अम्बिका नाम के पेड़ लिए थे। अरुणिका के पेड़ इस साल इनके बाग में तैयार हो गए है। इसमे बैंगनी रंग के आम लगे है। जिसमें बहुत अच्छी खुशबू आती है। बैगनी रंग का 80 रुपये किलो, लाल रंग का 100 रुपये किलो, काले व पीले रंग वाला 60 रुपये किलो के भाव कच्चा आम बिकता है। ये रेट सामान्य आम की तुलना में करीब दो गुना हैं।
सबसे ज्यादा स्वादिष्ट है अम्बिका
वहीं अम्बिका आम की खास बात यह है कि ये आम देखने मे लाल रंग का होता है। सबसे ज्यादा स्वादिष्ठ यही आम बताया जाता है। सनसेशन और टॉमी में पेड़ भी तैयार हो गए है। इनमें हल्के काले और पीले लाल फल आते है।