लीजिए, हो गया अब कम दाम पर दवाओं का इंतजाम. दरअसल, खबर कुछ ऐसी है कि प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना के तहत शहर में चार जन औषधि केंद्र खोल दिए गए हैं.
कानपुर। लीजिए, हो गया अब कम दाम पर दवाओं का इंतजाम. दरअसल, खबर कुछ ऐसी है कि प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना के तहत शहर में चार जन औषधि केंद्र खोल दिए गए हैं. उर्सला, डफरिन, हैलट और जेके कैंसर संस्थान में खोले गए इन केंद्रों में पांच गुना तक सस्ती दवाएं मिलने का दावा किया जा रहा है. अभी फिलहाल यहां 70 ही दवाएं उपलब्ध हैं. धीरे धीरे सारी दवाएं और सर्जिकल उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे.
केंद्र का किया गया उद्घाटन
बता दें कि उर्सला अस्पताल में प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने केंद्र का उद्घाटन किया. इसके बाद केंद्र का मौका मुआयना किया और संचालक से दवाओं का स्टॉक जल्द बढ़ाने को कहा. इसके साथ ही मरीजों का आह्वान किया कि वे सस्ती दवा ही खरीदें. यहां पर आने वाले समय में हर तरह की दवाएं मिलेंगी और बाजार से पांच गुना सस्ती होंगी. उन्होंने दावा किया कि सरकार ने दवाओं की गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा है.
यहां भी हुआ उद्घाटन
जेके कैंसर संस्थान में सांसद देवेंद्र सिंह भोले और विधायक नीलिमा कटियार ने जन औषधि केंद्र का उद्घाटन किया. हालांकि वहां पर कैंसर की दवाएं अभी स्टॉक में नहीं आईं. रोजमर्रा की दवाएं ही रहीं. इस मौके पर संस्थान के निदेशक प्रो. एमपी मिश्र ने कहा कि कैंसर संस्थान में डॉक्टर सॉल्टनेमसे ही दवाएं लिखते हैं. ऐसे कोशिश होती है कि सभी दवाएं अस्पताल से ही मरीजों को मिलें. दवाओं की कीमत पूरी होगी तो मरीजों को बड़ा फायदा होगा. यहां पर डॉ. निरूपमा दीक्षित, डॉ. दीप्ति द्विवेदी, डॉ. अद्योपंत, डॉ. आरएनएल श्रीवास्तव मौजूद रहे.
ऐसी की अपील
मंत्री ने उर्सला में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार, सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ल, उर्सला निदेशक डॉ. उमाकांत, डॉ. शैलेंद्र तिवारी, डॉ. एसएन बाजपई, सीएमएस डॉ. रामजी खन्ना, डॉ. फैजल नफीस का आहान किया कि वे डॉक्टरों को जागरूक करें कि जेनरिक दवाएं ही लिखें. खुद भी डॉक्टरों से अपील की कि जेनरिक दवाएं लिखें, जिससे मरीजों की जेब पर बोझ न पड़े.
हैलट और डफरिन में भी हुई शुरुआत
हैलट अस्पताल में सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने केंद्र का उद्घाटन किया. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार, प्रमुख अधीक्षक डॉ. आरके मौर्य, डॉ. एसके सिंह ने बताया कि डॉक्टर अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही लिखते हैं. अब जेनरिक दवाओं का फायदा मरीजों को दिया जाएगा. डफरिन अस्पताल में महापौर प्रमिला पांडेय ने केंद्र का उद्घाटन किया. डॉ. नीतारानी चौधरी और प्रमुख अधीक्षक डॉ. वीवी सिंह ने केंद्र संचालक से जल्द सर्जिकल उत्पाद रखने के निर्देश दिए.