खबर है कि जाजमऊ में टेनरी वेस्ट को गंगा में जाने से रोकने के लिए नया सीईटीपी बनाया जाएगा. 419 करोड़ की लागत से 20 एमएलडी के सीईटीपी का निर्माण किया जाएगा.
कानपुर। खबर है कि जाजमऊ में टेनरी वेस्ट को गंगा में जाने से रोकने के लिए नया सीईटीपी बनाया जाएगा. 419 करोड़ की लागत से 20 एमएलडी के सीईटीपी का निर्माण किया जाएगा. सोमवार को शासन में प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सीईटीपी का प्रेजेंटेशन देखा गया, जिस पर अंतिम मुहर लगा दी गई है. टेंडर प्रक्रिया को जल्द शुरू करने का फैसला लिया गया है.
तैयार की गई प्रेजेंटेशन
तमिलनाडु वाटर इन्वेस्टमेंट कंपनी की ओर से प्रेजेंटेशन और डीपीआर तैयार की गई. इसमें खास बात यह है कि टेनरी संचालक ही सीईटीपी का पूरा मेंटेनेंस और संचालन करेंगे. एसपीवी के गठन किया जाएगा, जिसमें कमिश्नर, टेनरी संचालक, नगर आयुक्त, डीएम, जल निगम के अधिकारी, केस्को एमडी, इंडस्ट्रियालिस्ट, विशेष सचिव और आईआईटी के एक्सपर्ट समेत 15 लोग शामिल होंगे
ट्रीट पानी ऐसे होगा इस्तेमाल
नए ट्रीटमेंट प्लांट को 2 फेज में पूरा किया जाएगा. पहले फेज में पानी को ट्रीट कर खेतों में छोड़ा जाएगा. वहीं दूसरे फेज में सीईटीपी में आरओ लगाया जाएगा, इससे टेनरी वेस्ट को रिसाइकिल कर टेनरी को ही भेज दिया जाएगा. यह 200 करोड़ का प्रोजेक्ट है, इसलिए टेनरी संचालकों की सहमति के बाद इसे लगाया जाएगा. इसका पैसा टेनरी संचालकों को ही देना होगा. टेंडर प्रक्रिया पूरा होने के बाद 2 साल में इसे बनाकर तैयार किया जाना है.
पुराना प्लांट हो चुका है खराब
मौजूदा समय में जाजमऊ में 36 एमएलडी का एसटीपी प्लांट संचालित किया जा रहा है. जिसमें 9 एमएलडी का सीईटीपी है, जो टेनरी वेस्ट को ट्रीट करता है. पुराना हो चुके 29 एमएलडी के एसटीपी को चलाने में बेहद खर्च आ रहा है और आए दिन यह खराब हो जाता है, इससे डोमेस्टिक वेस्ट भी ट्रीट नहीं किया जा पा रहा है. ऐसे में नया प्लांट बनने से टेनरी वेस्ट को ट्रीट करने की क्षमता और बढ़ जाएगी. मौजूदा समय में 50 एमएलडी तक टेन री वेस्ट आ रहा है.
मेंटेनेंस का 17.88 करोड़ का था बकाया
जाजमऊ एसटीपी के मेंटेनेंस के लिए 17.88 करोड़ का बकाया था. इसे नगर निगम को अदा करना था. नगर निगम की माली हालत ठीक न होने की वजह से कार्यकारिणी में प्रस्ताव दिया गया कि इसे पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना में ब्याज मुक्त लोन पर यह पैसा लिया जाए. इस प्रस्ताव को नगर निगम कार्यकारिणी ने पास भी कर दिया था. लेकिन अब शासन ने यह बजट बिना लोन के पास ही कर दिया है. ऐसे में अब लोन की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी. 2 दिन में जीओ जारी कर दिया जाएगा. इस बारे में लखनऊ के जीएम आरके अग्रवाल कहते हैं कि लखनऊ में हुई बैठक में 20 एमएलडी के सीईटीपी को मंजूरी मिल गई है. जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी.