
कानपुर। खबर कुछ ऐसी है कि शराब की ब्रिकी अब पूरी तरह से ऑनलाइन हो चुकी है, लेकिन यह आम लोगों के लिए न होकर वाइन शॉप के लिए है. यहां आपको बता दें कि नकली शराब पीकर होने वाली मौतों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है. इसके तहत शहर की प्रत्येक वाइन शॉप को एक यूनिक कोड दिया जाएगा. इस कोड के जरिए थोक और फुटकर दुकानों को वाइन सप्लाई की जाएगी. यही नहीं, बिलिंग भी इसी कोड के जरिए होगी. जारी कोड में सप्लाई की गई एक-एक पेटी और बोतल का रिकॉर्ड रखा जाएगा.
ऐसे रुकेगी नकली शराब
शहर में देशी व अंग्रेजी शराब व बीयर मिलाकर कुल 731 फुटकर दुकानें हैं. आबकारी विभाग ने इन सभी को यूनिक आईडी जारी कर दी है. हर एक पेटी और प्रत्येक बोतल में बार कोड लगा है, जिसका पूरा रिकॉर्ड आबकारी विभाग के पास है. कई बार सरकारी वाइन शॉप्स में भी नकली शराब की बिक्री होती है और पीकर लोग मर जाते हैं. शॉप से बेची गई खाली बोतल बरामद होने पर उससे यह पता लगा जा सकेगा कि किस वाइन शॉप से यह बोतल खरीदी गई है.
की जा सकेगी निगरानी
जिला आबकारी अधिकारी राजेश कुमार के मुताबिक ऑनलाइन सिस्टम के जरिए अब हर बोतल की निगरानी की जा सकती है. यही नहीं विभागीय अधिकारी कभी भी वाइन शॉप में छापेमारी कर यह चेक कर सकते हैं कि जो बोतल वाइन शॉप को भेजी गई थी, वही बिक रही है कि नहीं.
ऐसा कहते हैं अधिकारी
कानपुर नगर के जिला आबकारी अधिकारी राजेश कुमार कहते हैं कि नए सिस्टम को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है. सभी वाइन शॉप को यूनिक आईडी जारी की जा चुकी है. इसी यूनिक आईडी के जरिए ही फुटकर और थोक शॉप्स को शराब की सप्लाई की जा रही है, जिससे किसी गड़बड़ी पर दुकानदार का पता लगाया जा सके.