उत्तर प्रदेश में राशन विक्रेताओं के साथ चारों तरफ लूट-खसोट मची हुई है, बिना कमीशन के अधिकारी हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं है। इतना ही नहीं अगर राशन दुकानदार सरकारी बाबुओं व जनप्रतिनिधियों को मोटी रकम न दें तो उनकी दुकान को निलंबित कर दिया जा रहा है। यह बात मंगलवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई प्रहलाद मोदी ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि आम जनता को योजनाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में यह तय है कि आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन होगा और अच्छे दिन आएंगे।
बिना कमीशन के नहीं करते हस्ताक्षर
आल इंडिया फेयर प्राइस शाॅप डीलर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाई प्रहलाद भाई दामोदर दास मोदी कानपुर में राशनिंग कोटेदारों की समस्याओं को लेकर प्रेस वार्ता किया। मोदी ने प्रदेश सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि गुजरात में कोई भी व्यक्ति किसी भी समय अपना काम अधिकारी से करा सकता है। लेकिन उत्तर प्रदेश में अधिकारी बिना कमीशन के हस्ताक्षर ही नहीं करता। यहां पर चारो तरफ लूट खसोट मची हुई है। जिससे आम जनता को सरकारी लाभ नहीं मिल पा रहा है और जनता पूरी तरह से सरकार से रूष्ट हो गई है।
75 हजार कोटेदार सपा सरकार को करेंगे बेदखल
मोदी के भाई ने कहा दो दिन के दौरे से जो-जो मेरे सामने राशनिगं कोटेदारों के मामले आए उससे तो मैं हैरतअंगेज रह गया। इसके साथ ही प्रदेश के 75 हजार कोटेदारों से आवाहन किया आप सब लोग एक साथ जुटकर सत्ता को बेदखल करने का काम करेंगे। कहा, यूपी के सभी जिलों में खाद्य आपूर्ति व्यवस्था सरकारी और नेताओं के चलते पटरी से उतर चुकी है। कोटेदारों से मोटी रकम मांगी जा रही, नहीं देने पर निलंबन के साथ जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। इस अवसर पर पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी, पूर्व विधायक प्रतिभा शुक्ला, वीरेन्द्र तिवारी सहित दर्जनों कोटेदार मौजूद रहें।
जिलापूर्ति अधिकारी का हो निलंबन
मोदी ने कहा कि जनपद में राशनिंग कोटेदारों से रूपया ऐंठने के लिए तमाम तरह परेशान किया जा रहा है। जिससे कोटेदार मजबूर गलत कदम उठाते है। उन्होंने नवाबगंज के राशन कोटेदार दिनेश कुमार तिवारी के मामले को बताते हुए कहा कि जिलापूर्ति अधिकारी जबरन रूपया मांग रहा है न देने पर दुकान को बर्खास्त कर दिया। जब विरोध किया गया तो झूठे मुकदमे में फसा कर गिरफ्तार करा लिया गया। उन्होंने कहा कि जब राज्यपाल की जांच में सब कुछ सही पाया गया इसके बाद दुकान को बहाल नहीं किया जा रहा है। जिससे साफ पता चलता है कि जिलापूर्ति अधिकारी बिना कमीशन के किसी दुकान को राशन उपलब्ध नहीं कराते। उन्होंने मांग किया कि हर हाल में जिलापूर्ति अधिकारी नीरज कनौजिया का निलंबन होना चाहिए।
आखिर डीएम ने धरने की क्यों नहीं दी अनुमति
जिलापूर्ति अधिकारी के खिलाफ मोदी धरना देना चाहते थे जिसके लिए डीएम कौशलराज शर्मा को प्रार्थना पत्र भी दिया गया। मोदी ने कहा कि डीएम यह बताएं कि मुझे आखिरकार धरने की अनुमति क्यों नहीं दी गई। ऐसा कौन सा कारण था कि शहर में धारा 144 लगा दी गई। जबकि इसी दिन कांग्रेस का जूलूस प्रदर्शन से लेकर विशाल जनसभा का कार्यक्रम आयोजित किया गया।