कानपुर

भीख मांगने वाली महिला की लापता बेटी को खोजने के लिए पुलिस ने की यह मांग, लगा गंभीर आरोप, डीआईजी ने दिया जांच का निर्देश

कुछ दिन पहले महिला की नाबालिग बेटी गुड़िया गायब हुई थी, जिसकी शिकायत उन्होंने चकेरी थाने में की थी। आरोप है कि बेटी को ढूंढने के नाम पर पुलिस वालों ने महिला से ऐसी मांग कर दी जिसे सुनकर डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह (DIG Preetinder Singh) भी दंग रह गए।

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Feb 02, 2021
भीख मांगने वाली महिला की लापता बेटी को खोजने के लिए पुलिस ने की यह मांग, लगा गंभीर आरोप, डीआईजी ने दिया जांच का निर्देश

कानपुर. कानपुर पुलिस द्वारा एक शर्मनाक घटना सामने आई है। सनिगवां निवासी दिव्यांग वृद्धा महिला भीख मांगकर गुजारा करती हैं। उनके पति की मृत्यु हो चुकी है। कुछ दिन पहले उनकी नाबालिग बेटी गुड़िया गायब हुई थी, जिसकी शिकायत उन्होंने चकेरी थाने में की थी। आरोप है कि बेटी को ढूंढने के नाम पर पुलिस वालों ने महिला से ऐसी मांग कर दी जिसे सुनकर डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह भी दंग रह गए। डीआईजी ने मामले में युवती को बरामद करने के निर्देश के अलावा वसूली करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच बैठा दी है।

पुलिस पर लगे आरोपों की होगी जांच

सनिगवां निवासी दिव्यांग महिला की नाबालिग बेटी एक माह से लापता है। इसकी चकेरी थाने में गुमशुदगी दर्ज की गई है। महिला ने दूर के रिश्तेदारों पर बेटी को गायब करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि महिला ने पुलिस से मदद मांगी तो उन्होंने बेटी को ढूंढने के नाम पर उससे 12 हजार रुपये की वसूली की। यह रुपये बेटी को खोजने के लिए गाड़ी और पेट्रोल का खर्च बताकर लिए गए हैं। मामला जब डीआईजी के पास पहुंचा तो वह यह बात जानकर हैरान रह गए। महिला ने बताया कि उसकी 15 साल की नाबालिग बेटी को एक महीने पहले ठाकुर नाम का व्यक्ति उठा ले गया था, जिसकी चकेरी पुलिस ने एफआईआर तो लिखी, लेकिन जांच करने वाली पुलिस उससे हर बेटी खोजने के नाम से दो-ढाई हजार का डीजल जबरन भरवाती रही।

डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने कहा कि मामले में सर्विलांस व अन्य टीमों को युवती को खोजने के लिए लगाया गया है। पुलिस कर्मियों पर जो आरोप लगे हैं उनकी जांच कराकर दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
02 Feb 2021 11:14 am
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