कानपुर

डॉक्टर स्वराज ने माना आईआईटी में गड़बड़ी, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को रिपोर्ट भेजी जाएगी

आइर्आइर्टी में आईं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजी जाएगी रिपोर्ट। जांच में पाई गड़बड़ी, दलितों को से कहा अपने जागरूकता लाएं और शिक्षा की अलख घर-घर पहुंचाएं।
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Nov 29, 2018
presented to president and pm report of investigation of iit case
डॉक्टर स्वराज ने माना आईआईटी में गड़बड़ी, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को रिपोर्ट भेजी जाएगी

कानपुर । IIT Kanpur में प्रोफेसरों के बीच चल रही रार की खबर मिलने के बाद SC-ST आयोग की सदस्य डॉक्टर स्वराज विद्धान कानपुर पहुंची। वो संस्थान के निदेशक के अलावा फेडरेशन ऑफ आल आईआईटीज SC-ST इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। फिर मीडिया से बातचीत के दौरान डॉक्टर स्वराज ने कहा कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और इसे राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को भेजी जाएगी। बताया कि उनके पास यह शिकायतें आ रही हैं कि अनुसूचित जाति के लिए बनाई गई नीतियों का पालन नहीं किया जाता है। इसी का नतीजा रहा कि प्रोफेसर सुब्रमण्यम सडरेला को थाने जाकर अपने ही साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी पड़ी।

इस लिए पहुंची IIT
IIT के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर सुब्रमण्यम सडरेला ने संस्थान के प्रोफेसर ईशान शर्मा, प्रोफेसर संजय मित्तल, प्रोफेसर राजीव शेखर, प्रोफेसर चंद्रशेखर उपाध्याय व एक अज्ञात व्यक्ति पर SC-ST का मुकदमा कल्याणपुर थाने में 18 नवम्बर को दर्ज कराया था। इसी बीच चारों प्रोफेसरों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे ले आये। मामले की सूचना पर SC-ST आयोग की सदस्य डॉक्टर स्वराज विद्वान IIT KANPUR पहुंची। बुधवार की सुबह से इस पर सदस्य और निदेशक के अलावा अन्य प्रोफेसरों से चर्चा होती रही। इसके बाद डॉक्टर स्वराज ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि मेरे सामने पूरा प्रकरण आया है। निदेशक प्रोफेसर अभय करन्दीकर से इसको लेकर लंबी वार्ता हुई और उन्होंने कहा है कि यह हमारे घर का मामला है और बैठकर पूरे मामले को निपटा लिया जाएगा।

अंबेडर की लगेगी प्रतिमा
आयोग की सदस्य ने बताया कि IIT में काम कर रही संस्था SC-ST फेडरेशन के सदस्यों ने बताया कि यहां पर एक भी मूर्ति डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर की नहीं है। यह भी बताया गया कि संस्था को IIT द्वारा एनओसी नहीं दी जा रही है। इसके साथ ही संस्था के ऑफिस में फर्नीचर नहीं है और गंदगी से पटा पड़ा हुआ है। जिस पर मैनें खुद जाकर देखा तो बाते सही पायी गयी। इस पर निदेशक से बातचीत की गयी तो कहा जल्द ही एनओसी मिल जाएगी और ऑफिस भी सही करा दिया जाएगा। कहा, निदेशक अभी नये आये हुए हैं मैने जो अनुभव किया उससे यह पता चला कि कुछ लोग फेडरेशन के लोगों को निदेशक से मिलने नहीं देते। लेकिन अब उन्होंने कहा कि फेडरेशन के लोगों से वार्ता होती रहेगी और जल्द ही कॉफ्रेंस हाल में बाबा साहब का फोटो लगाया जाएगा। इसके साथ ही परिसर में बाबा साहब की मूर्ति भी स्थापित करायी जाएगी।

13 दलितों की हुई हत्या
आयोग की सदस्य ने बताया कि कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव से दलितों की हत्याओं को लेकर डाटा मांगा गया। जिसमें पता चला कि इस वर्ष अब तक 13 दलितों की हत्याएं हो चुकी हैं, जो निंदनीय है। लेकिन जब पता चला कि जिला प्रशासन द्वारा सभी मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिला दिया गया है तो कुछ संतुष्टि हुई। कहा, मैं तो पूरे देश में जाकर डाटा एकत्र करती हॅूं पर पहली बार पाया गया कि कानपुर जनपद में सभी मृतकों के परिजनों को समय से मुआवजा मिल गया। बताया कि कानपुर जनपद में दलितों पर इस वर्ष 42 बालात्कार की घटनाएं हुई हैं और अन्य 248 घटनायें हैं, यानि कुल अपराधिक घटनाओं की संख्या 303 हैं। इस पर जिला प्रशासन से बात की गयी है कि इसकी रोकथाम की जाये। सदस्य ने बताया कि लव कुश की जन्म स्थली बिठूर का दौरा किया तो वहां देखा कि बाल्मीक आश्रम की इसकी देखरेख करने वाले पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी और शासन को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।

Published on:
29 Nov 2018 09:10 am