President Visit: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेंद्र मोदी के साथ अपने पैतृक गांव परौंख पहुंचे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने स्वागत किया। राष्ट्रपति यहां पीएम के साथ दो घंटे बिताएंगे।
देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कानपुर देहात स्थित अपने गांव परौंख पहुंचे। गांव में ग्रामीणों और अपनों ने उनका भव्य स्वागत हुआ। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गांव पहुंचकर सबसे पहले पथरी देवी मंदिर में माथा टेका। राष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी सविता कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दर्शन किए। राष्ट्रपति बनने के बाद अपने गांव का यह उनका दूसरा दौरा है। उन्होंने ग्रामीणों और अपनी भाभी से किए वादे को पूरा किया। राष्ट्रपति के आगमन के लिए पूरे गांव को दूल्हन की तरह सजाया गया।
पिछले साल भी पहुंचे थे परौंख
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 25 जुलाई 2017 को पद की शपथ लेने के बाद बीते वर्ष प्रेसीडेंशियल ट्रेन से यहां पहुंचे थे। 25 जून को उनकी ट्रेन झींझक और रूरा रेलवे स्टेशनों पर रुकी थी। इसके बाद वह कानपुर नगर से 27 जून को अपनी मातृभूमि पर पहुंचे थे। करीब डेढ़ घंटे का समय उन्होंने परौंख में बिताया था। तब वह पथरी माता मंदिर, आंबेडकर पार्क, मिलन केन्द्र के साथ झलकारी बाई इंटर कॉलेज गए थे। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए गांव के लोगों से अगले साल फिर गांव आने का वादा किया था। इसके साथ ही उनकी भाभी ने बताया कि जब वह आंखों के ऑपरेशन के लिए गई थी तो लल्ला ने आने का वादा किया था।
रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति के रूप में दूसरी बार शुक्रवार को अपनी मातृभूमि परौंख पर कदम रखा। इससे पहले वह पिछले साल 27 जून को परौंख आए थे। साल भर के भीतर वह यहां आकर अपना वादा भी निभा रहे हैं। यह इत्तेफाक है कि 27 जून को भी शुक्रवार था। यहां परिवार जनों से मिलने साथ ही 2 घंटे तक पीएम मोदी के साथ रुकेंगे। बता दें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की 2 घंटे की सुरक्षा के लिए 5 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी लगाए है।
जेके घराना करेगा राष्ट्रपति की अगवानी
मर्चेंट चैम्बर सचिव महेन्द्र नाथ मोदी ने बताया कि राष्ट्रपति की अगवानी जेके घराने की मुखिया और जेके सीमेंट की चेयरपर्सन सुशीला सिंघानिया करेंगी। कानपुर की पहचान ऐतिहासिक जेके मंदिर की ब्रास कलाकृति उन्हें भेंट की जाएगी। उनके साथ जेके सीमेंट के राघवपत सिंघानिया, माधवकृष्ण सिंघानिया और निधिपति सिंघानिया भी रहेंगे। राष्ट्रपति के लिए चैम्बर में एक सेफ हाउस बनाया गया है। जिसे सुरक्षाबलों ने अपने घेरे में ले लिया है। चैम्बर में राष्ट्रपति सिर्फ पानी पिएंगे। भोजन की कोई व्यवस्था या निर्देश नहीं मिले हैं।