19 जुलाई को कानपुर के पदाधिकारियों के साथ करेंगे चर्चा, चुनाव लड़ने की अटकलें तेज
कानपुर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बुलावे पर कानपुर के भाजपा पदाधिकारियों का 51 सदस्यीय दल दिल्ली गया हुआ है। वहां वो सबसे पहले राष्ट्रपति के साथ शहर के विकास पर चर्चा करेंगे और यहां की तमाम समस्याओं के बारे में उन्हें अवगत कराएंगे। साथ ही 19 जुलाई को टीम के सदस्य गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे और यूपी के साथ ही कानपुर सीट पर मंथन करेंगे। बतादें दो माह पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह नौबस्ता के श्यामनगर स्थित अपने गुरू से मिलने के लिए आए थे। पूजा-पाठ के बाद गृहमंत्री क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह के साथ अकेले में बैठक कर चुनाव पर चर्चा की थी। इसी के बाद से चर्चा चल रही है कि राजनाथ सिंह कानपुर नगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं मामले पर भाजपा नगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अलावा गृहमंत्री से मिलने के लिए जा रहे हैं। रही बात गृहमंत्री के कानपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने की तो यह निणर्य पार्टी हाईकमान को करना है। यदि वे यहां से चुनावी दंगल में उतरतें हैं तो जीत लाखों में होगी।
टटोलेंगे नब्ज, बनाएंगे रणनीति
कहा जाता है कि कानपुर से लखनऊ वाया दिल्ली की कुर्सी का रास्ता निकलता है। जिस राजनीतिक दल ने मजदूरों के शहर को फहत किया, उसी दल की सरकार केंद्र में बनती है। इसी के चलते लोकसभा चुनाव 2019 की आहट कानपुर में सुनाई देने लगी है। गंगा की नगरी पर सभी राजनीतिक दलों की नजर लग चुकी है और मैनचेस्टर ऑफ ईस्ट पर कब्जा करने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसी के कारण भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता यहां से चुनाव लड़ने के लिए स्थानीय पदाधिकारियों के साथ कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोल रहे हैं। सांसद मुरली मनोहर जोशी के चुनाव नहीं लड़ने के चलते इस सीट से गृहमंत्री राजनाथ सिंह के उतरने के संकेत मिल रहे हैं और इसी के कारण उन्होंने कानपुर से पदाधिकारियों के अलावा कार्यकर्ताओं को बुलाया है। 51 सदस्यीय टीम 19 को राजनाथ सिंह से मुलाकात करेगी।
राष्ट्रपति से मिलेगा प्रतिनिधित्व मंडल
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर गृहमंत्री राजनाथ सिंह कानपुर के स्थानीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी नब्ज टटोलेंगे के साथ ही जनाधार की टोह लेंगे। भाजपा नगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि हमनें राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय मांगा था। राष्ट्रपति भवन से हमें मिलने की अनुमति मिल चुकी है। कानपुर से उत्तर, दक्षिण के अलावा देहात के पदाधिकारी व विस्तारकों को 51 सदस्यीय टीम में जगह दी गई है। सबसे पहले हमलोग राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेंगे और शहर का विकास कराए जाने को कहेंगे। इसके बाद शाम को राजनाथ सिंह के अवास जाकर उनके साथ चुनाव को लेकर चर्चा करेंगे। सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि हम लोग उसी दिन कपड़ा मंत्री स्मृति इरानी से भी मिलेंगे और लाल इमली को चालू कराए जाने को कहेंगे।
गुरू से लिया था आर्शीवाद
लखनऊ से सांसद गृहमंत्री राजनाथ सिंह दो माह पहले कानपुर आए थे। वो श्यामनगर स्थित अपने गुरू के आश्रृम जाकर आर्शीवाद लिया था। आश्रृम मे विध-विधान से पूजा-अर्चना के बाद राजनाथ सिंह कानपुर-बुंदेलखंड के क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह से अकेले में चर्चा की थी। तभी से कयास लगने शुरू हो गए थे कि राजनाथ सिंह अगला चुनाव गंगा की नगरी से लड़ेंगे। राजनाथ सिंह के दौरे के बाद उनके बेटे पंकज सिंह कईबार शहर का दौरा कर चुके हैं और पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पिता के लिए सियासी जमीन तैयार की। भाजपा नेताओं की मानें तो 25 जुलाई को पंकज सिंह फिर से कानपुर आएंगे और अगस्त के आखरी सप्ताह में राजनाथ सिंह का दौरा कानपुर में हो सकता है। भाजपा नगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानीयदि पार्टी उन्हें यहां से चुनाव के मैदान में उतारती है तो जीत लाखों में होगी और कानपुर का कायाकल्प होगा।
राजनाथ सिंह राजनीतिक कॅरियर
राजनाथ सिंह का जन्म 10 जुलाई 1951 में भभौरा, चंदौली जिला में एक साधारण परिवार में हुआ था। राजनाथ सिंह का विवाह सावित्री सिंह से हुआ और इनके दो पुत्र व एक बेटी है। 66 वर्षीय राजनाथ सिंह का वर्ष 1974 में जनसंघ के जिला सचिव पद से शुरू राजनीतिक सफर शुरु क्या हुआ उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। आरएसएस के स्वयंसेवक से लेकर विद्यार्थी परिषद और भारतीय जनता युवा मोर्चा के शीर्ष पदों पर रहते हुए उन्होंने अपनी अनूठी कार्यशैली की छाप भी छोड़ी। भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के सफर में उन्होंने युवाओं को भाजपा के पक्ष में एकजुट किया। कल्याण सिंह की सरकार में बतौर शिक्षामंत्री रहते हुएयूपी बोर्ड परिक्षाओं में नकल पर नकेल कस अपनी अलग पहचान बना ली। 24 अक्टूबर 2000 में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लिया। राजनाथ सिंह दो वर्ष तक यूपी के सीएम रहे और वर्तमान में मोदी सरकार में गृहमंत्री हैं।
2019 में होगी पीएम की रैली
नगर अध्यक्ष ने बताया कि कानपुर में प्रधानमंत्री की चुनावी रैली 2018 के बजाए 2019 में होगी। पीएमओ से उनकी रैली के लिए जानकारी मांगी गई थी। जिस पर हमलोगों ने होली के बाद सभा कराए जाने को कहा है। मैथानी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव का शंखदान कर चुके हैं और पहले उन्हें कानपुर से चुनाव का आगाज करना था। लेकिन ऐन वक्त में कार्यक्रम बदल दिया गया। अब प्रधानमंत्री अगले साल चुनाव के वक्त शहर आएंगे और लोगों से सीधे रूबरू होंगे। मैथानी ने बताया कि 2018 के आखरी माह में पीएम की एक सभा घाटमपुर य अकबरपुर में कराए जाने को लेकर चर्चा चल रही है। जल्द ही पीएमओ कार्यलाय से जानकारी आते ही कार्यकर्ता रैली को सफल बनाने के लिए जुट जाएंगे।