कानपुर

सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त जूनियर इंजीनियर का शव मिला घर में, फैली सनसनी

Retired Irrigation JE dead body was found in his house कानपुर में जिस भाई को देखने के लिए बहन अक्सर आती थी और ताला देखकर लौट जाती थी, वह भाई घर के अंदर मरा मिला, जिसके शरीर से बदबू आ रही थी। पुलिस घटना की जांच कर रही है।

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Jan 08, 2026
फोटो सोर्स- पत्रिका

Retired Irrigation JE dead body was found in his house, कानपुर में सिंचाई विभाग से रिटायर जेई का भरा पूरा परिवार है। परिवार में दो बेटियां और पत्नी हैं। लेकिन अंतिम दिनों में कोई भी साथ नहीं था। पत्नी अपने मायके में रहने के लिए चली गई थी। रिटायर्ड जेई अकेले ही अपने घर में रहते थे। यहां पर उनके एक भाई और बहन भी‌ रहते हैं। तीनों में आपस में बातचीत हुआ करती थी। सभी एक दूसरे का हाल-चाल लेते रहते थे, लेकिन पिछले 15 दिनों से लोगों की बातचीत नहीं हो पाई। बहन ताला बंद देख वापस लौट जाती थी, जबकि जेई की घर के अंदर मौत हो चुकी थी। इधर, भाई और बहन दोनों मिलने के लिए पहुंचे तो घर के अंदर से बदबू आ रही थी। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची स्थानीय थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। घटना आर्य नगर क्षेत्र की है।

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कानपुर में रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना

उत्तर प्रदेश के कानपुर में रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना हुई है।‌ आर्य नगर निवासी विजय कुमार घोष (62) का शव उनके घर के अंदर पड़ा मिला। घटना की जानकारी तब हुई जब विजय कुमार घोष के भाई रमाकांत और बहन कल्पना घोष निवासी जेके कॉलोनी, जाजमऊ, भाई से मिलने के लिए पहुंचे। दरवाजे पर अंदर से बदबू आ रही थी। इस पर उन्होंने डायल 112 पर जानकारी दी।

अंदर काफी खराब अवस्था में मिला शव

सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घर के अंदर प्रवेश किया, जहां विजय घोष मृत अवस्था में पड़े थे, जिनके शव से बदबू आ रही थी।‌ मौके पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। इस मौके पर साक्ष्य एकत्र किया गया। अनुमान लगाया गया कि विजय घोष की मौत को करीब 15 दिन हो गए हैं।

कानपुर में मृतक के भाई और बहन का भी निवास

विजय सिंचाई विभाग से रिटायर हुए थे, जिनकी पत्नी पूर्णिमा अधिकारी इनकम टैक्स से रिटायर हुई थी, जो अपनी दो बेटियां रुद्राणी और ब्राह्मणी के साथ अपने मायके बनारस में रहती है। विजय घोष अपने घर में अकेले ही रहते थे, जबकि उनका छोटा भाई रमाकांत घोष और छोटी बहन कल्पना घोष जेके कॉलोनी कानपुर में रहते हैं।

कल्पना घोष ने बताया…

कल्पना घोष ने बताया कि जब वह निकलती थी तो घर में ताला बंद रहता था। वह यह समझकर लौट जाती थी कि भाई यह टहलने गए होंगे। जबकि रमाकांत घोष अक्सर फोन पर हाल-चाल लेती रहती थी। लेकिन विजय घोष का फोन भी पिछले कई दिनों से स्विच ऑफ था। थाना प्रभारी ने बताया कि शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ‌

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