
Pahalgam terrorist attack कानपुर में आतंकवादी हमले मारे गए शुभम द्विवेदी की पत्नी एशान्या ने आप बीती सुनाई। उन्होंने बताया कि आतंकवादी आए और उन्होंने पूछा कि हिंदू है कि मुसलमान, कलमा पढ़ कर सुनाओ। इस पर उन्होंने हंसते हुए कहा कि यह क्या हो रहा है? इस पर उन्होंने फिर ऊंची आवाज में पूछा कि हिंदू है कि मुसलमान? हमने कहा कि हिंदू है। इतना सुनते ही उन्होंने गोली मार दी। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकी घटना में मारे गए 26 लोगों के साथ यही हुआ है। इधर देर रात शुभम द्विवेदी का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। सभी शुभम द्विवेदी के साथ बिताए गए क्षणों को याद कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में के हाथीपुर गांव में बीती रात कोई भी सो नहीं पाया। सभी को शुभम द्विवेदी के पार्थिव शरीर का इंतजार था। रात करीब 1:56 पर लखनऊ एयरपोर्ट से शुभम का पार्थिव शरीर हाथीपुर नरवाल तहसील पहुंच मौके पर हजारों लोगों की भीड़ इकट्ठा थी एमएसएमई मंत्री राकेश सचान और प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय भी मौके पर मौजूद थे। दोनों ने एंबुलेंस से शव उतारने के समय कंधा दिया। इस दौरान पारिवारिक जनों का रोड होकर पूरा हाल था सभी एक दूसरे को ढांढस बंधा रहे थे। रात के अंधेरे में लोगों की रोने की आवाज़ सुनकर अपने पराए सभी की आंखें नम हो गई।
हाथीपुर गांव से थोड़ी देर में शुभम द्विवेदी का कपटी शरीर का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाएगा इधर पत्नी है एशान्या, माता-पिता, परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल है हजारों की संख्या में लोग गांव में इकट्ठा है और अपनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।