बेटे ने नशे की हालत में दी मां को दर्दनाक मौत, जानकर रह जाएंगे हैरान

पहले वार में मां का दयां हाथ कट कर दूर गिरा, दूसरा और तीसरा वार उसने मां के पेट पर किया।

3 min read
Mar 24, 2016
Crime
कानपुर|
"जिससे वह सबसे ज्यादा प्यार करती थी, उसके लिए मजदूरी कर खुद पानी पीकर
सोती थी, लेकिन जिगर के टुकड़े को पहले भरपेट भोजन कराती थी| पिता का सिर
से हाथ पहले ही उठ गया था, कमबख्त जल्लाद बन गया| मां ने कहा बेटा ज्यादा
नशे में है और शराब पिएगा तो बीमार पड़ जाएगा, मत मार दर्द हो रहा है| वह
चिल्लाती रही, पर कमबख्त को जरा भी दया नहीं आई और कुल्हाडी से कई वार कर
मेरी आंखों के सामने हमारी मां का कत्ल कर दिया, 'इसे जेल भेज दीजिए सर',"
यह बात बुधवार की शाम शिवराजपुर थाने में वंशीनिवादा गांव निवासी बड़े भाई
उमेश ने अपने छोटे भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के दौरान एसओ से कहा|
उमेश की तहरीर पर पुलिस ने रामलखन के खिलाफ अपनी ही मां के कत्ल के आरोप
में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया|

शराब के लिए मां पर कुल्हाड़ी चलाई-
उमेश ने बताया कि सोमवार का दिन था, मां होली के त्योहार के लिए खोवा तैयार
कर रही थी| रामलखन नशे में धुत होकर आया| मां ने कहा, छोटे खाना खाले,
लेकिन उसने कहा मुझे पांच सौ का एक नोट निकल कर दे| मां ने कहा, शराब
ज्यादा हो गई है, बीमार पड़ जाएगा| यह सुन उसका पारा चढ़ गया और कमरे में
रखी कुल्हाड़ी लेकर आया और मां पर कई वार कर दिए| पहले वार में मां का
दयां हाथ कट कर दूर गिरा, दूसरा और तीसरा वार उसने मां के पेट पर किया,
चौथा करता मैं आ गया| मैने शोर मचाया और पड़ोसी आ गए, मेरी जान तो बच गई,
लेकिव मां इस दुनिया से चली गई, एक भाई था वह भी अकेला छोड़कर पूरी जिंदगी
के लिए सलाखों के पीछे चला गया|


पांच साल में 300 सौ से ज्यादा घटनाएं-



कानपुर नगर और देहात में नशे के चलते पांच साल में लगभग तीन सौ घटनाएं हुई
हैं| इनमें से ज्यातर शराब, स्मैक और ड्रग्स के लती अपने ही परिवार पर वार
कर मौत के घाट उतार चुके हैं, तो कईयों ने खुद की जीवन लीला समाप्त कर ली
है| अगर कानपुर नगर और देहात के पांच साल के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो
नशे के लती सबसे ज्यादा युवा हैं, जो नशे की पूर्ति के लिए अपने घर के
लोगों को मौत की नींद सुलाई है| घाटमपुर के कुरियां गांव में छह माह पहले
एक युवक का शव मिला था| पुलिस की पड़ताल में जब मौत का खुलासा हुआ तो
सुनकर ही रौंगटे खड़े हो गए| पत्नी का देहांत हो गया, पिता शराब का लती था| बेटा टेंपो चालाकर जो लाता पिता उससे छीन लेता था| बेटे ने जब पैसे
देने से मना कर दिया तो रात में नशे की हालत में चापड़ से वार कर अपने बेटे
को मौत की नींद सुला दी थी| कातिल पिता जेल में| ऐसे कई मामले हर दिन आते
हैं, जब नशे के लिए नशेड़ी अपनों को ही मौत बांद रहे हैं| मामले पर
एसएसपी शलभ माथुर ने भी चिंता जताते हुए कहा, कि कुछ सालों में नशे के चलते
लूट, हत्या और डकैती जैसी वारदात नशेड़ी कर रहे हैं| थानेदारों के साथ ही
नशे के लती व्यक्ति पर परिवार को भी नजर रखनी चाहिए|


नशा नहीं मिलने से अपनों पर ही खुन्नस-

मनोरोग
के हेड डॉक्टर अनुज तनेजा ने बताया कि नशे की लत भी एक तरह की बीमारी है|
नशेड़ी को जब नशा करने से जो कई बार रोकता है तो वह सबसे ज्यादा उसी पर
खुन्नस रखता है| ऐसे व्यक्ति पर नजर रखें, उसे डांटे या पीटे न। उसके साथ
एक दोस्त जैसा व्यवहार करें| वह जब भी नशे की जिद करे तो उसे मना न करें,
उसे घर में रखकर शराब सहित अन्य नशे की चीजें उपलब्ध कराएं| एक अच्छे
डॉक्टर से सलाह लें और धीरे-धीरे उसे नशे की लत को कम करें| डॉक्टर की
सलाह पर मेडिसिन दें| उसे कभी ऐसा एहसास न होने पाए कि उसके नशा करने से
पूरा परिवार घ्रणा करता है| जब भी वह अकेले हो उसके साथ बात करें|

Published on:
24 Mar 2016 05:09 pm
Also Read
View All