
कानपुर। यूपी बोर्ड का एग्जाम शेड्यूल फिलहाल जारी हो चुका है. छह फरवरी से बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी. इससे पहले दिसंबर में प्रैक्टिकल एग्जाम भी कराए जाने हैं. इसके बावजूद शहर के ज्यादातर कॉलेजों में हाईस्कूल व इंटर के छात्रों का कोर्स पूरा नहीं हो पाया है. इस वजह से बच्चों की टेंशन बढ़ गई है. उन्हें लग रहा है कि रिवीजन का समय नहीं मिला तो इसका असर उनके रिजल्ट पर पड़ सकता है, हालांकि कई कॉलेज एक्सट्रा क्लास और छुट्टियों में छात्र-छात्राओं को बुलाकर जल्द से जल्द कोर्स पूरा कराने का प्रयास कर रहे हैं. सरकारी स्कूलों में कोर्स ज्यादा पिछड़ा हुआ है.
ऐसा है हाल
प्राइवेट और मैनेजमेंट वाले कॉलेज तो किसी तरह कोर्स पूरा करवा भी देंगे, लेकिन सरकारी कॉलेजों में कोर्स पूरा होना मुश्किल है. इसके पीछे कारण है कि क्योंकि कई कॉलेजों में तो सब्जेक्ट के टीचर तक नहीं हैं. इन कॉलेजों में कान्यकुब्ज इंटर कॉलेज, एचएसजेएस इंटर कॉलेज, हीरलाल खन्ना इंटर कॉलेज, वासुदेव हायर सेकेंड्री स्कूल के नाम शामिल हैं. इन कॉलेजों के बच्चे कुछ ज्यादा ही तनाव में हैं.
ऐसा कहते हैं स्कूलों के प्रधानाध्यापक
इस बारे में ओएसवीएन इंटर कॉलेज, जवाहर नगर के प्रधानाध्यापक राम मिलन सिंह कहते हैं कि एकेडमिक सेशन बदलने से काफी परेशानी हो रही है. गणित के दो पीरियड लगवाकर कोर्स पूरा कराया है. करीब-करीब कोर्स पूरा करवा दिया है. एक दो सब्जेक्ट शेष बचे हैं. वहीं सेंट जॉन इंटर कॉलेज नवाबगंज के प्रधानाध्यापक हनी क्लोडियस कहते हैं कि एक दो सब्जेक्ट छोड़कर करीब-करीब कोर्स पूरा करवा दिया है. जो बचा है उसे एक वीक के अंदर पूरा करवा देंगे, क्योंकि बच्चों को रिवीजन के लिए समय मिलना बहुत जरूरी है.
डीआईओएस का ऐसा है कहना
इस पूरे मसले पर कानपुर नगर के डीआईओएस सतीश कुमार तिवारी कहते हैं कि जिन कॉलेजों में बोर्ड एग्जाम का सिलेबस पूरा नहीं हो पाया है वहां पर प्रिंसिपल एक्स्ट्रा क्लास लगवाकर हर हाल में कोर्स पूरा कराएं. अगर किसी प्रिंसिपल को इसमें समस्या आ रही है तो वह संपर्क करे उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा.