
कानपुर देहात-उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार को खत्म करने के चाहे लाख जतन कर लें लेकिन उनकी सरकारी मशीनरी पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। जिसका नतीजा ये है कि भृष्टाचार को खत्म करने की दुहाई देकर सत्ता हासिल करने वाली बेजेपी सरकार की पुलिस धड़ल्ले से रिश्वत लेते हुए नज़र आ रहे हैं। दरअसल गजनेर थाने के दरोगा का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें दरोगा जी रिश्वत लेते नजर आ रहे हैं, जो इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। मामला कानपुर देहात के थाना गजनेर का है, जहाँ तैनात सब इंस्पेक्टर प्रेम नारायन तिवारी घूंस लेते कैमरे में नज़र आ रहे हैं।
नाम निकालने को लेकर रिश्वत ले रहे थे
बताया गया कि एसआई द्वारा धारा 498, 323 में वांछित पांच आरोपियों में से 3 आरोपियो के नाम निकालने को लेकर 35 हजार की रिश्वत ली गई थी। यही नहीं घूस लेने वाले सब इंस्पेक्टर अपने अधिकारियो को रिश्वत देने की बात कहते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी का सम्मान तक भूल गए और अपशब्द भी बोल डाले। जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि इस गोरखधंधे में सिर्फ एसआई ही नही सर्किल ऑफिसर तक शामिल है। क्योंकि वीडियो में एसआई साहब सीओ का हिस्सा होने की बात भी कह रहे हैं।
इसी माह रिटायर्ड होना है
काफी देर तक उनकी पैसों को लेकर देने वाले से जद्दोजहद होती रही, क्योंकि वो बोल रहा था कि साहब काम ले लो। वहीं साहब बोल रहे कि सबको मालूम है कि इस काम मे पैसा लिया जाता है बिना पैसे ये काम नही होता है। काफी देर बाद उसने एसआई महोदय को सौ की गड्डी निकालकर थमा दी। बताया गया कि एसआई को इसी माह सेवानिवृत्त होना है। इसके बाद इस वीडियो के वायरल होने पर पुलिस महकमे में भी हडकंप मच गया। जो कि चर्चा का विषय बना हुआ है।