Trainee IPS Sumedh Jadhav:कानपुर में ट्रेनी आईपीएस सुमेध मिलिंद जाधव के “ऑपरेशन व्हाइट पाउडर” से नशा तस्करों में हड़कंप मचा है। एक महीने में 25 किलो गांजा और 2 किलो चरस बरामद हुई। लगातार छापेमारी और चेकिंग से कई सप्लायर भूमिगत हो गए हैं।
कानपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ने तस्करों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कल्याणपुर थाने में तैनात ट्रेनी आईपीएस सुमेध मिलिंद जाधव ने महज एक महीने के भीतर “ऑपरेशन व्हाइट पाउडर” के तहत ऐसी कार्रवाई की है, जिससे नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। लगातार हो रही छापेमारी और चेकिंग अभियान के चलते कई बड़े सप्लायर भूमिगत हो गए हैं, जबकि कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले एक महीने में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान करीब 25 किलो अवैध गांजा और 2 किलो से अधिक अवैध चरस बरामद की गई है। बरामद गांजे की बाजार कीमत करीब 5 से 8 लाख रुपये बताई जा रही है, जबकि चरस की कीमत 2 लाख से 8 लाख रुपये तक आंकी गई है।
कल्याणपुर, पनकी और सचेंडी थाना क्षेत्रों में लगातार चेकिंग और छापेमारी की गई। देर रात तक हाईवे और प्रमुख चौराहों पर पुलिस ने संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली। वहीं, कल्याणपुर क्षेत्र में किराये के कमरों और संदिग्ध ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। पुलिस की इस कार्रवाई से नशा कारोबार से जुड़े लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार ट्रेनी आईपीएस सुमेध मिलिंद जाधव ने चार्ज संभालते ही सबसे पहले नशा तस्करी से जुड़े पुराने रिकॉर्ड खंगाले। इसके बाद मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर थाना पुलिस के साथ संयुक्त अभियान शुरू कराया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि शहर के कुछ इलाकों में युवाओं को नशे की लत लगाने के लिए सप्लाई नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
ट्रेनी आईपीएस सुमेध मिलिंद जाधव का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और युवाओं को नशे से बचाने के लिए पुलिस हर स्तर पर कार्रवाई करेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद क्षेत्र में पुलिस की इतनी सक्रियता देखने को मिल रही है। लगातार हो रही कार्रवाई से लोगों में सुरक्षा का माहौल बना है। वहीं, युवाओं को नशे से दूर रखने की दिशा में भी यह अभियान बड़ा संदेश माना जा रहा है।