Suspended police inspector opens tea shop झांसी में निलंबित इंस्पेक्टर ने एसपी ऑफिस से 200 मीटर की दूरी पर चाय की दुकान खोली है। उन्होंने बताया कि सैलरी से गुजर बसर नहीं हो रहा है। उन्होंने झांसी पुलिस पर साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है।
Suspended police inspector opens tea shop झांसी में निलंबित इंस्पेक्टर ने चाय की दुकान खोली है। जो चर्चा का विषय बना हुआ है। इंस्पेक्टर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पत्नी और उसका फोन टैप किया जा रहा है। जैसे वह क्रिमिनल हों। ऑफिस में भी उन्हें परेशान किया जाता है। षड्यंत्र के तहत आरोप लगाए जा रहे हैं। चाय की दुकान के लिए उन्होंने एसएसपी को पत्र देने की कोशिश की। लेकिन वापस कर दिया गया। फुल टाइम जॉब के लिए डीआईजी को एप्लीकेशन दी है। इस संबंध में एसपी सिटी ने बताया कि इंस्पेक्टर में जो आरोप लगाए हैं। वह झूठे हैं। उन्हें अनुशासनहीनता और विवेचना में लापरवाही के कारण निलंबित किया गया है। आरआई से भी इस संबंध में शिकायत की है।
उत्तर प्रदेश के झांसी में बीते 15 जनवरी को इंस्पेक्टर मोहित यादव और पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक (आरआई) के बीच विवाद हो गया था। दोनों के बीच मारपीट भी हुई थी। जिसके बाद इंस्पेक्टर मोहित यादव को निलंबित कर दिया गया था। एसएसपी कार्यालय से 200 मीटर दूर चाय की दुकान खोलने के बाद मोहित यादव ने बताया कि उनके साथ साजिश रची जा रही है। ऑफिस में उनके साथ षडयंत्र किया जा रहा है। किसी को भी प्लान के साथ आगे करके शिकायत कराई जाती है। शिकायत पर उन पर जांच बैठा दी जाती है।
मोहित यादव ने बताया कि एसएसपी को एप्लीकेशन देकर फुल टाइम जॉब करने की जानकारी दी। लेकिन उनकी एप्लीकेशन नहीं ली गई। डीआईजी को एप्लीकेशन दे कर बताया है कि फूल टाइम जॉब करूंगा और इस पीरियड की सैलरी नहीं लूंगा। मेरा और पत्नी का मोबाइल टेप किया जा रहा है। जैसे वह क्रिमिनल है। उनके दो बच्चे पढ़ रहे हैं। गुजर-बसर नहीं हो पा रहा है। इससे आमदनी अच्छी होगी।
प्रतिसार निरीक्षक सुभाष सिंह ने बताया कि कार्यालय बैठे काम कर रहे थे। उसी समय इंस्पेक्टर मोहित यादव आ गए और बोले परमिशन क्यों नहीं कराई गई? इस पर उन्होंने कहा कि वह खुद ही एसएसपी से परमिशन करवा लें। इतना सुनते ही मोहित यादव ने उनका कालर पकड़ लिया और धमकी देने लगे। मुझे जमीन पर पटक दिया। शिकायती पत्र देकर कार्रवाई करने की मांग की है।
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अनुशासनहीनता और विवेचना में लापरवाही के कारण मोहित यादव को निलंबित किया गया था। जिनके खिलाफ चार जांचें चल रही है। 3 सितंबर 2001 को मोहित यादव को ललितपुर से झांसी ट्रांसफर किया गया था। जिनके खिलाफ चार जांच चल रही है