बारिश के बीच सड़कों पर जाम लगना आम बात हो गई है। लेकिन, कानपुर में लगा भीषण जाम दो परिवारों को जीवन भर का दर्द दे गया। क्योंकि इन दो परिवारों ने इस जाम में अपनों को खो दिया।
बारिश के बीच सड़कों पर जाम लगना आम बात हो गई है। लेकिन, कानपुर में लगा भीषण जाम दो परिवारों को जीवन भर का दर्द दे गया। क्योंकि इन दो परिवारों ने इस जाम में अपनों को खो दिया। दोनों मरीजो के वाहन जाम में ही फंसे रहे और अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों की मौत हो गई।
कानपुर के शुक्लागंज में रहने वाले मुन्ना को सीने में हल्का दर्द महसूस हुआ। लेकिन, जैसे-जैसे समय बीती यह दर्द बढ़ता गया। परिजनों ने उन्हें उपचार के लिए ले जाने के लिए आटोरिक्शा बुक किया। उन्हें कॉर्डियोलॉजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए परिजन घर से निकले। ऑटो एलएलआर मेट्रो स्टेशन पहुंची तो जाम में फंस गई। इधर मुन्ना ऑटो में दर्द से बेहाल थे। परिजन उनके सीने में हाथ फेरकर उन्हें दिलासा देते रहे। लेकिन, जैसे-जैसे समय बढ़ रहा था मुन्ना कि सांसे घटती जा रहीं थी
जाम न खुलने पर परिवार का एक युवक ट्रैफिक खुलवाने लगा। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ऑटो को एक किमी की दूरी तय करने में 30 मिनट लग गए। जबकि, सामान्य तौर पर यह दूरी तय करने में 10-15 मिनट का समय लगता है।
सचेंडी थानाक्षेत्र की पीआरवी 1570 में तैनात कांस्टेबल मुकेश यादव व अजीत कुमार ने बताया कि दीपू चौहान ढाबे के पास सड़क पार कर रहे बुजुर्ग को एक वाहन ने टक्कर मार दी थी. इससे वो गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने डॉयल-122 पर सूचना दी, जिसके बाद पीआरवी में तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पीआरवी बुजुर्ग को लेकर हैलट जा रही थी। इसी बीच पुलिस की गाड़ी एलएलआर मेट्रो स्टेशन के पास लगे जाम में फंस गई। समय से उपचार न होने के कारण बुजुर्ग की मौत हो गई।