खानपान से जुड़ी शिकायतों के लिए अब यात्रियों को ट्रेन में टीटीई को खोजने की कोई जरूरत नहीं है. यात्रियों की सुविधा के लिए आईआरसीटीसी अब हर ट्रेन में अपने मैनेजर व कर्मचारियों की तैनाती कर रहा है.
कानपुर। खानपान से जुड़ी शिकायतों के लिए अब यात्रियों को ट्रेन में टीटीई को खोजने की कोई जरूरत नहीं है. यात्रियों की सुविधा के लिए आईआरसीटीसी अब हर ट्रेन में अपने मैनेजर व कर्मचारियों की तैनाती कर रहा है. यह मैनेजर आपकी हर शिकायत सुनेंगे और उसके निदान के लिए तत्काल उपाय करेगा. एनसीआर जोन में 12 ट्रेनों में मैनेजरों को तैनात करने के लिए सीसीएम को पत्र लिखा है. आईआरसीटीसी के मैनेजर ट्रेन के कैप्टन को रिपोर्ट करेंगे.
लग जाता था काफ़ी समय
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक अभी तक जिन ट्रेनों की पेंट्रीकार आईआरसीटीसी के अंडर होती थी. इसमें उनका एक मैनेजर भी तैनात रहता था. उनके आसानी से न मिलने से यात्री अक्सर खानपान सम्बंधी शिकायत रेलवे के कंट्रोल रूम नंबर, ट्विटर व मैसेज के माध्यम से करता था. जिसकी वजह से उनकी समस्या के समाधान में काफी समय लग जाता था. इस व्यवस्था से यात्रियों को तत्काल समस्या से मुक्ति मिल जाएगी.
अब इनकी होगी जवाबदेही
रेलवे बोर्ड के आदेशों के बाद ट्रेन कैप्टन की नई पॉलिसी की शुरुआत की गई है. कैप्टन उसे नियुक्त किया जाता है जो उस ट्रेन में कार्यरत सभी टीटीई में वरिष्ठ है. एक तह वह ट्रेन के इंचार्ज का रोल निभाएगा. उसके अंडर में एसी अटेंडेंट, कोच अटेंडेंट, स्वीपर व टीटीई सभी होते है. यह सभी ड््यूटी शुरू करने से पहले ट्रेन के कैप्टन को रिपोर्ट करेंगे. ट्रेन में यात्रियों की सभी समस्याओं की जवाबदेही ट्रेन में तैनात कैप्टन की होगी. आईआरसीटीसी पीआरओ सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि ट्रेनों में आईआरसीटीसी के मैनेजर की बर्थ पेंट्रीकार से जुड़े कोच में होगी. जहां से उसे पेंट्रीकार की मानिटरिंग करने में काफी आसानी रहेगी.
ऐसा कहना है अधिकारी का
इस बारे में आईआरसीटीसी के पीआरओ सिद्धार्थ सिंह का कहना है कि रेलवे बोर्ड ने यह फैसला यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है. इससे ट्रेनों की खानपान व्यवस्था में सुधार होगा. वहीं एक यात्री अनुपम कहते हैं कि आईआरसीटीसी के मैनेजर के ट्रेनों में तैनात रहने से खानपान संबंधी समस्याओं के चंद मिनटों में समाधान हो जाने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी.