कानपुर

ये लो इस दीपावली टूट गए प्रदूषण के सारे रिकॉर्ड

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद भी शहरवासियों ने 10 बजे के बाद जमकर पटाखे फोड़े. आलम यह रहा कि हर बार की तरह इस बार भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक हालत पर जा पहुंचा. पीएम 2.5 का लेवल 800 माइक्रोग्राम प्रति क्यूब मीटर तक जा पहुंचा.

2 min read
Nov 10, 2018
ये लो इस दीपावली टूट गए प्रदूषण के सारे रिकॉर्ड

कानपुर। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद भी शहरवासियों ने 10 बजे के बाद जमकर पटाखे फोड़े. आलम यह रहा कि हर बार की तरह इस बार भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक हालत पर जा पहुंचा. पीएम 2.5 का लेवल 800 माइक्रोग्राम प्रति क्यूब मीटर तक जा पहुंचा. हालांकि प्रदूषण मापने वाले सेंसर खराब होने की वजह से सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से आंकड़े जारी नहीं किए गए. वहीं यूपीपीसीबी सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक दिवाली के दिन प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था. हवा में सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा खतरनाक स्तर पर जा पहुंची, जबकि नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा निचले स्तर पर पहुंच गई थी.

ऐसी मिली है जानकारी
प्रशासन और पुलिस की सख्ती की वजह से देसी पटाखे बाजार में ज्यादा नहीं बिक सके, लेकिन ब्रांडेड पटाखों की वजह से भी जमकर प्रदूषण फैला. महताब, कलर्ड फुलझड़ी और हंटर जैसे पटाखों ने खासा प्रदूषण बढ़ाया. इन पटाखों के चलाने पर बच्चों को भी सांस लेने में काफी दिक्कत हुई. हवा न चलने से भी प्रदूषण का स्तर बढ़ता चला गया. वहीं परेवा के दिन भी भारी मात्रा में लोगों ने पटाखे जलाए. भाई दूज के दिन प्रदूषण का स्तर थोड़ा सामान्य हुआ, जो रात होते-होते फिर से बढ़ गया.

ये भी पढ़ें

241 किमी खस्ताहाल हाईटेंशन व एलटी लाइन बदलने का काम हुआ शुरू, जर्जर लाइनों से मिलेगा छुटकारा

छाई स्मॉग की गहरी चादर
पटाखों की वजह से कानपुर में स्मॉग की गहरी चादर देखने को मिली. गंगा बैराज, मोतीझील, जाजमऊ, पनकी आदि क्षेत्रों में हालात यह हो गए थे कि 5 मीटर विजिबिलिटी भी नहीं बची थी. इससे हाई-वे पर वाहन भी रेंग-रेंग कर चलते रहे. वहीं यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी कहते हैं कि अभी आंकड़े उनके पास नहीं हैं, लेकिन पिछले सालों की तुलना करें तो पीएम-2.5 का लेवल दीपावली के मौके पर खतरनाक स्‍तर पर होता है. इस बार भी शुरुआती जांच में मालूम चला कि कानपुर में हवा न चलने से स्मॉग की गहरी चादर रही, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़े.

ये भी पढ़ें

साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए आईआईटी ने चार देशों के साथ मिलाया हाथ

Published on:
10 Nov 2018 01:49 pm
Also Read
View All