यमुना एक्सप्रेस-वे पर 16 दिसंबर को हुए भीषण हादसे में 19 लोगों की जान चली गई थी। दो और मृतकों की डीएनए सैंपलिंग से शिनाख्त हो गई है, लेकिन हादसे के बाद लापता महिला सहित दो लोगों की शिनाख्त अभी भी नहीं हो सकी है। दोनों मृतकों के परिजन परेशान हैं। पुलिस जांच कर रही है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर 16 दिसंबर को शताब्दी बस में जलकर जान गंवाने वाले काकादेव के नवीननगर निवासी जयप्रकाश वर्मा (75) के शव के अवशेष रविवार शाम घर पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया।
बेटी ने बताया कि हादसे के बाद आखिरी बार सुबह 4:25 बजे पापा ने फोन किया था। फोन करके बताया कि बस का एक्सीडेंट हो गया है वह अंदर बुरी तरह फंस गए हैं। उन्होंने बचाने की गुहार लगाई, लेकिन तभी कॉल कट गई। इससे परिवार घबरा गया।
जानकारी मिलते ही मैं मथुरा पहुंचीं। जिला अस्पताल में घायलों की लिस्ट देखी और जिला मजिस्ट्रेट से भी संपर्क किया, लेकिन पापा का नाम कहीं नहीं मिला। बाद में पुलिस ने परिवार को बताया कि टक्कर के बाद आग लगने से कई यात्री जिंदा जल गए हैं, जिनके अवशेष मिले हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इन अवशेषों को डीएनए के लिए भेजा गया। इसकी पुष्टि के बाद शव के अवशेष रविवार शाम घर लाए गए तो सभी ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार भैरव घाट पर हुआ। परिवार में चार बेटियां व एक बेटा है। वह एक पेंट कंपनी में काम भी करते थे।