कानपुर

26 साल पुरानी यादें फिर हुई ताजा, रामभक्त अयोध्या के लिए रवाना

विश्‍व हिन्‍दू परिषद ने राम मंदिर के मसले पर रविवार को होने वाली धर्मसभा में करीब दो लाख लोगों के जुटने का दावा किया है। इसी के चलते कानपुर से हजारों कार्यकर्ता रात के 10 बजे यहां से अयोध्या के लिए रवाना।  
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Nov 25, 2018
thousands of ram bhakts leave for ayodhya from kanpur through buses
26 साल पुरानी यादें फिर हुई ताजा, रामभक्त अयोध्या के लिए रवाना

कानपुर। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर रविवार को होने वाली धर्मसभा में शामिल होने के लिए कानपुर से रात करीब 10 बजे हजारों रामभक्त रवाना हो गए। इस अवसर पर जय श्रीराम के उद्घोष से 26 साल पुरानी याद ताजा कर दी। सभी के साथ खाने-पीने का समान था। युवकों की टोली के साथ आरएसएस, बीजेपी व विहिप के एक-एक नेताओं को लगाया है। बीजेपी पार्षद नवीन पंडित ने कहा कि रामलला ने बुलाया है और इसबार वहां मंदिर की नींव रखकर ही वापस आएंगे।

रात को हुए रवाना
राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या में होने वाली धर्मसभा में राजनीति, आर्थिक और धार्मिक नगरी से विहिप के अलावा आरएसएस व बीजेपी के सैकड़ों कार्यकर्ता रात्रि के 10 बजे यहां से रवाना हो गए। अयोध्या जाने वाले कार्यकर्ता अपने साथ त्रिशूल, भस्म, बाघंबर आदि ले गए हैं। धर्मसभा में शामिल होने के लिए कानुपर के अलावा, बुंदेलखंड और मुलायम के गढ़ से 40 से 50 हजार विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) कार्यकर्ताओं ने शनिवार को पांच सौ बसों और ट्रेनों के साथ चार पहिया वाहनों से अयोध्या कूच किया। कानपुर नगर से अकेले बात करें तो गोविंद नगर के श्रीमुनी इंटर कॉलेज से 21 बसें तो साउथ से करीब पचास बसों में कार्यकर्ता धार्मिक सभा में शामिल होने के लिए निकल गए हैं। एक आकलन के अनुसार जिले से करीब 10 से 15 हजार रामभक्त अयोध्या के लिए रवाना हो गए।

इसलिए जा रहे अयोध्या
कानपुर से 100 बसों के अलावा हर जिले और ब्लॉक से कार्यकर्ताओं से भरी करीब तीन सौ बसें अयोध्या रवाना की गईं। बीजेपी पार्षद व कारसेवक नवीन पंडित ने बताया कि अयोध्या जाने वाले हर कार्यकर्ता को बाकायदा प्रवेशिका जारी करने के साथ उनके ठहरने आदि के प्रंबंध के बारे में जिलेवार व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि धर्मसभा विरोधियों को चेतवानी देने और कोर्ट को जन भावनाओं से अवगत कराने के लिए आयोजित की गई है। इसबार रामभक्त आर-पार के इरादे से सिर पर कफन बांधर कर अपने-अपने घरों से निकलें हैं। हम अयोध्या में शातिपूर्वक भगवान रामलला के मंदिर निर्माण की योजना व चर्चा करेंगे।

राम हमारी आस्था का विषय
पनकी हनुमान मंदिर के महंत जीतेंद्र दास ने कहा कि जैसे मक्का मुसलमानों के लिए आस्था का विषय है। वैसे ही आयोध्या में राम मंदिर हिंदुओं के लिए उनकी आस्था का विषय है। यह स्थान बदले नहीं जा सकते हैं। अयोध्या भगवान श्रीराम की जन्मस्थली है। वहां मंदिर निश्चित तौर बनना चाहिए। महंत ने राम मंदिर के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। अब बस जल्द राम मंदिर के निर्माण हो और इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए। अयोध्या में सेना लगाए जाने के अखिलेश यादव के बयान पर कहा कि इन बातों को सुनकर कष्ट होता है, जिस राम के नाम से लोगों को मुक्ति मिलती है, उनके नाम पर इस तरह की बातें करना ठीक नहीं है।

अलर्ट पर है पुलिस-प्रशासन
अयोध्या में धर्मसभा के चलते शहर में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अफसर संवेदनशील स्थानों पर नजर रख रहे हैं। खुफिया भी अलर्ट है। एडीजी अविनाश चंद्र ने कहा कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजक और भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी अनंत देव ने बताया कि शहर के संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में खास नजर रखी जा रही है। पुलिस के साथ ही पीएसी गश्त भी बढ़ाई गई है। सोशल मीडिया पर पुलिस एक टीम लगातार निगरानी कर रही है। रेलवे और बस स्टैंड पर भी फोर्स बढ़ाई गई है।

Published on:
25 Nov 2018 09:04 am