कानपुर

UP assembly election 2022: इटावा जिले की भरथना विधानसभा, बीजेपी दोहरा पाएगी 2017 का रिजल्ट?

कानपुर मंडल में विधानसभा चुनाव 2022 के लिए तृतीय चरण में 20 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। ऐसे समय जब चुनाव प्रचार चरम पर है। इटावा जिले की भरथना (सुरक्षित) विधानसभा 201 के इतिहास और वर्तमान स्थिति के विषय में जानते हैं। इस सीट की चर्चा महाराज सिंह के बिना पूरी नहीं हो सकती है। यह भी जानते हैं कि भरथना को धान का कटोरा क्यों कहा जाता है?

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Feb 08, 2022
UP assembly election 2022: इटावा जिले की भरथना विधानसभा, बीजेपी दोहरा पाएगी 2017 का रिजल्ट?

भरथना समाजवादियों का गढ़ कहा जाता है मुलायम सिंह यादव का गृह जनपद होने के कारण इसका महत्व बढ़ जाता है। यहां से 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव ने जीत हासिल की थी। लेकिन यह सीट किसी एक पार्टी के लिए बंध कर नहीं रह गई। अब तक हुए 19 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा ने पांच बार जीत हासिल की है। 2009 के चुनाव में शिव प्रसाद यादव जीत कर बसपा का खाता खोला था। जबकि बीजेपी के लिए सावित्री कठेरिया ने 2017 का चुनाव पहली बार जीता था। अब देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी 2017 का रिजल्ट दौहरा पाती है कि नहीं।

यह है भरथना विधानसभा का इतिहास

1952 में कांग्रेस से मेहरबान सिंह

1957 में कांग्रेस से मेहरबान सिंह

1962 में प्रजातांत्रिक सोशलिस्ट पार्टी से सहदेव सिंह

1967 में समाजवादी सोशलिस्ट पार्टी से एस सिंह

1969 में कांग्रेस से बलराम यादव

1974 में नेशनल कांग्रेस ऑर्गेनाइजेशन से गोरेलाल शाक्य

1977 मे जनता पार्टी से महेंद्र सिंह

1980 में कांग्रेस गोरेलाल

1985 में लोक दल से महाराज सिंह

1989 में जनता दल से महाराज सिंह

1991 में जनता पार्टी से महाराज सिंह

1993 में सपा से महाराज सिंह

1996 में सपा से महाराज सिंह

2001 में सपा से प्रदीप यादव

2002 में कांग्रेस से विनोद यादव

2007 में सपा से मुलायम सिंह यादव

2009 में बसपा से शिव प्रसाद यादव

2012 में सपा से सुख देवी वर्मा

2017 में भाजपा से सावित्री कठेरिया

उपरोक्त सीट पर नजर डालने के बाद एक बात साफ निकल कर आती है कि महाराज सिंह भरथना सीट के लिए बड़ा नाम है। जिन्होंने इस सीट पर लगातार पांच बार जीत हासिल की है और मुलायम सिंह यादव के काफी करीबी थे।

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भरथना को धान का कटोरा कहा जाता है

इटावा जिले की भरथना विधानसभा को धान का कटोरा कहा जाता है। इसका मुख्य कारण है यहां की मुख्य फसल धान का होना। यहां धान की फसल बड़े पैमाने पर होती है। जिसको देखते हुए काफी संख्या में राइस मिल भी स्थापित है। समय को देखते हुए अब फसल के साथ राइस मिल पर भी पड़ा है। तमाम राइस मिल यहां पर बंद हो चुके हैं।

2022 के प्रत्याशी

2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने डॉ सिद्धार्थ शंकर दौरे को टिकट दिया है। जबकि सपा ने राघवेंद्र कुमार सिंह, कांग्रेस ने स्नेह लता और बसपा ने कमलेश अंबेडकर को मैदान में उतारा है। विधानसभा चुनाव 2022 के लिए यहां पर कुल 510 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। कुल मतदाताओं की संख्या 3,97,081 है।

Published on:
08 Feb 2022 08:46 am
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