Heatwave in Uttar Pradesh:बुंदेलखंड समेत पूरा उत्तर प्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। बांदा 47.6°C के साथ सबसे गर्म शहर बना हुआ है। लखनऊ, कानपुर और पश्चिमी यूपी में रेड अलर्ट जारी है, जबकि अगले पांच दिन बारिश की कोई संभावना नहीं है।
उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और तीव्र लू की चपेट में है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हालात ऐसे हैं कि सुबह 9 बजे के बाद ही सड़कें तपने लगती हैं और दोपहर होते-होते बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। राज्य में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से लेकर 47.6 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया जा रहा है।
सबसे खराब स्थिति बुंदेलखंड क्षेत्र में बनी हुई है। पथरीली जमीन और हरियाली की कमी के कारण यहां गर्मी का असर कई गुना बढ़ गया है। बांदा प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल हो गया है। यहां तापमान 47.4°C से 47.6°C तक पहुंच गया है। दिन के साथ रातें भी तप रही हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही।
झांसी और महोबा में भी पारा 46°C से 47°C के बीच बना हुआ है। दोपहर के समय चलने वाली तेज शुष्क हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं। जालौन और हमीरपुर में तापमान 45°C से 46°C तक पहुंच चुका है। वहीं ललितपुर और चित्रकूट में तापमान 42°C से 45°C के बीच दर्ज किया जा रहा है। चटख धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हालात चिंताजनक हैं। कई जिलों में तापमान 45°C से 47°C तक पहुंच रहा है। दिल्ली-एनसीआर से सटे क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 44°C से 45°C के बीच बना हुआ है। मौसम पूरी तरह शुष्क है और आसमान साफ रहने से धूप सीधे जमीन को गर्म कर रही है।
कई शहरों में दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिखाई दे रही हैं। गर्म हवाओं के थपेड़ों के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर में तापमान 45°C से 46°C के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है। रात का न्यूनतम तापमान भी 30°C से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों की नींद तक प्रभावित हो रही है।
वाराणसी, प्रयागराज और आसपास के जिलों में तेज धूप के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं। पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में नमी अधिक होने के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को और ज्यादा परेशान कर रही है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस.एन. सुनील पांडेय के अनुसार अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है। आसमान साफ रहने के कारण सूरज की किरणें सीधे जमीन को गर्म कर रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार मानसून 26 मई तक केरल पहुंच सकता है। इसके बाद जून के दूसरे या तीसरे सप्ताह तक उत्तर प्रदेश में मानसून की पहली बारिश होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। बाहर जाते समय सिर को सफेद सूती कपड़े या छाते से ढकें। शरीर में पानी की कमी न होने दें और लगातार ओआरएस, नींबू पानी या मटके का पानी पीते रहें। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।