पिछले तीन दिनों तक हुई बारिश के चलते सदी्र बढ़ी, सोमवार को भी आकश में बादल, किसानों के लिए फाएदा, कोहरा ने वाहनों में लगाई ब्रेक।
कानपुर। बारिश का असर कानपुर में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। गुरूवार से लेकर शनिवार तक पारा जहां 8.6 फीसदी था, वहीं रविवार को तापमान बढ़कर 12.2 डिग्री पहुंच गया। जबकि अधिकतत पारा 20.8 डिग्री रिकार्ड किया गया। इस सीजन की सबसे सर्द रात मंगलवार की रही। वहीं हवा की गति में कमी आई है। देररात तक 1.5 किमी प्रतिघंट के तहत हवाएं चल रही हैं। सीएसए के मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को हल्की बदली रहेगी और शाम के वक्त कोहरा पड़ने का अनुमान है। जबकि बारिश की संभावना न के बराबर है।
20 मिमी बारिश रिकार्ड
तीन दिनों तक रूक-रूक हुई बारिश ने ठिठुरन बढ़ा दी है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि एक दो दिन के बाद कोहरे में इजाफा होगा इसके अलावा मंगलवार और बुधवार से पहाड़ों की बर्फीली हवाओं का असर भी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिलेगा। सीएसए के मौसम वैज्ञानिक डाॅक्टर नौशाद खान ने बताया कि कानपुर में 20.80 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। इससे पूर्व कानपुर में दिसंबर 1997 में 60 मि.मी. बारिश हुई थी। इसके बाद यह सर्वाधिक बारिश है।
हवा में नमी
सीएसए के मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को कानपुर का अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस के नीचे दर्ज हुआ है। यह सामान्य से 5 डिग्री कम रहा। बारिश की वजह से हवा में नमी का स्तर भी 90 से 100 फीसद तक रहा। खराब मौसम के चलते कई ट्रेनें समय से सेंट्रल स्टेशन नहीं पहुंची तो चार पहिया वाहन भी कोहरे के कारण रेंगते नजर आए। वहीं मौसम का असर हवाई जहाज के उड़ाने पर पड़ रहा है। शुक्रवार को कई विमार चकेरी एयरपोर्ट पर लैंेड नहीं किए।
दोहरी मार से जनजीवन अस्त-व्यस्त
बारिश के बाद अब कड़ाके की ठंड व कोहरे की दोहरी मार से लोग परेशान है। समूचे इलाके में कड़ाके की ठंड के बाद भी प्रशासन अलग से अबतक अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की है। जिससे अधिकतर लोग सड़क के किनारे और बस्तियों में आग जलाकर समय गुजारते देखे गए। ऐसी बात नहीं है कि प्रशासन को कड़ाके की ठंड पड़ने की जानकारी नहीं है जानते जरूर हैं परन्तु आम जनता की सुविधा को लेकर अलग से अलाव व्यवस्था को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। नियमित दुकान खोलकर बैठने वाले दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में दिनभर बैठे रहे। वहीं ठंठ और बारिश के कारण नियमित मजदूरी कर परिवार चला रहे मजदूरों का काम नहीं मिल पा रहा। दैनिक मजदूर इस बात को लेकर परेशान है कि आनेवाले समय भी भी मौसम का मिजाज नहीं बदला तो घरों पर चूल्हा जलना मुश्किल हो जाएगा।
कोहरे ने दी दस्तक
सुबह से ही घने कोहरे ने कानपुर को अपनी चादर में ढांपे रखा। बढ़ते कोहरे ने वाहनों के चक्के को धीमा कर दिया। वहीं, सुबह स्कूलों में बच्चे ठिठुरते हुए पहुंचे। देरशाम घने कोहरे ने शहर को अपने चपेट में लिए रखा। हाईवे पर वाहनों का ***** धीमा रहा। वहीं, कईं ट्रेनों के देरी से जाने के यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से भगवान सूर्यदेव के दर्शन हुए, लेकिन आसमान में धुंध होने के कारण कभी-कभी ही लोगों को धूप मिल पाई।
गेहूं की फसल के लिए सोना
सीएसए के मौसम वैज्ञानिक नौशाद खान ने बताया कि धुंध गेहूं की फसल के लिए काफी अच्छी है। गेहूं को बढ़ने के लिए धुंध की आवश्यकता होती है और इस सर्दी का यह समय उपयुक्त है। गेहूं के अलावा जौ, चना व सरसों की फसलों की बुवाई हो चुकी है। बारिश होने से इन फसलों में सिचाई की कम जरूरत पड़ेगी और नमी रहने से फसलों को फायदा पहुंचेगा। बताया बाग में लगे छोटे फलदार पौधों को इस मौसम से बचाकर रखें। धुंध से खासकर सब्जियों की बेलों को नुकसान हो सकता है। अमरूद, चीकू, संतरा, केला, अनार आदि को बचाकर रखें।