कुख्यात अपराधी विकास दुबे (Vikas Dube) का आज अंत हुआ। छह दिनों के बाद विकास दुबे की तलाश खत्म हुई और लगभग 24 घंटे के भीतर ही शुक्रवार सुबह पुलिस की बंदूक की गोली से उसे मार गिराया गया।
लखनऊ. कुख्यात अपराधी विकास दुबे (Vikas Dubey) का आज अंत हुआ। छह दिनों के बाद विकास दुबे की तलाश (vikas dubey dead) खत्म हुई और लगभग 24 घंटे के भीतर ही शुक्रवार सुबह पुलिस की बंदूक की गोली से उसे मार गिराया गया। इस दौरान उसकी मौत का पहिया घूमता रहा। नीचे देखें इन 24 घंटों में क्या-क्या हुआ।
- 9 जुलाई, सुबह 9.30 बजे विकास दुबे उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार।
- 8 घंटे तक तक उज्जैन पुलिस ने की पूछताछ, उगले कई राज।
-सीओ देवेंद्र मिश्रा से नफरत और शूटआउट के सुबूत मिटाने के लिए पुलिस के शवों को जलाने की बात कुबूली।
- 9 जुलाई 5 बजे-उज्जैन में कोई केस न होने पर मामला नहीं हुआ दर्ज, कानपुर एसएसपी के आग्रह पर यूपी पुलिस के हवाले
- शाम 6.30 बजे विकास को हवाई जहाज के बजाय रोड के रास्ते कानपुर लाया जाए
- शाम 7-7.30 बजे यूपी एसटीएफ टीम की गाडिय़ों केकाफिले के साथ उज्जैन से सड़क मार्ग के जरिए कानपुर के लिए रवाना
- रात 9 बजे यूपी पुलिस ने विकास दुबे की पत्नी ऋचा और उसके नाबालिग बेटे को लखनऊ के कृष्णा नगर से हिरासत में लिया।
रात 9.30 बजे विकास दुबे को लेकर काफिला पहुंचा शाजापुर, मध्य प्रदेश
रात 11.25 बजे काफिला पहुंचा गुना, मध्य प्रदेश. जोगीपुरा टोल प्लाज़ा
रात 11.54 बजे गुना, मध्य प्रदेश. पगड़ा टोल प्लाज़ा
रात 12 बजे लखनऊ पुलिस ने रिचा दुबे को किया कानपुर पुलिस के हवाले
10 जुलाई को रात 1.25 बजे विकास दुबे को लेकर पुलिस का काफिला पहुंचा शिवपुरी, पुरनखेड़ी टोल प्लाज़ा
रात 3.16 बजे: झांसी
तड़के 4.56 बजे: जालौन
सुबह 6.30 बजे: कानपुर
- 7.10 बजे सुबह एसटीएफ की गाड़ी कानपुर की सीमा के पास पलटी
- 7.45 बजे घायल विकास हो हैलट अस्पताल लाया गया डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
-10 बजे कानपुर कोर्ट में पेश करना था विकास को
- दोपहर दो बजे तक विकास की कोरोना रिपोर्ट आयी
- 2.30 बजे विकास का पोस्टमार्टम किया गया