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Kanpur Weather:ट्रफ लाइन की चाल बदली, बादल हुए ‘गायब’; तपने लगा दक्षिणी यूपी, जल्द लौटेगी बारिश की एंट्री!

Monsoon Trough:ट्रफ लाइन के हिमालय की ओर खिसकने से दक्षिणी यूपी में बारिश थम गई और तापमान बढ़ गया है। कानपुर मंडल में गर्मी तेज हुई है। 5-6 मई से ट्रफ लाइन लौटने पर फिर बारिश और आंधी की संभावना है।

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कानपुर, प्री-मानसून सीजन में उत्तर प्रदेश का मौसम लगातार करवट बदल रहा है। ताजा बदलाव में बादलों की द्रोणिका (ट्रफ लाइन) उत्तर की ओर हिमालय की तलहटी तक खिसक गई है, जिससे गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। इसका सीधा असर कानपुर मंडल, दक्षिणी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां पिछले 48 घंटों से बारिश लगभग थम गई है और गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।

क्यों थमी बारिश?

मौसम विशेषज्ञ डॉ. वाई. एस. पाण्डेय के अनुसार, ट्रफ लाइन की स्थिति ही बारिश का रुख तय करती है। जब यह द्रोणिका मध्य यूपी और बुंदेलखंड के ऊपर सक्रिय रहती है, तब कानपुर, फतेहपुर, हमीरपुर, झांसी और चित्रकूट समेत कई जिलों में तेज बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनती है। इस दौरान नमी की आपूर्ति पर्याप्त रहती है, जिससे बादलों का विकास तेजी से होता है। लेकिन वर्तमान में यह ट्रफ लाइन उत्तर की ओर खिसककर हिमालय की तलहटी तक पहुंच गई है। इसके चलते गंगा के मैदानी हिस्सों में नमी की आपूर्ति लगभग रुक गई है। परिणामस्वरूप दक्षिणी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क हो गया है और बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं।

तापमान ने दिखाए तेवर

बारिश थमने के साथ ही तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कानपुर और आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जो सामान्य से अधिक माना जा रहा है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासतौर पर दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है। उमस के कारण लोगों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में नमी कम होने से रात में भी गर्मी का असर बना हुआ है, जिससे राहत नहीं मिल पा रही है और बिजली की खपत भी बढ़ गई है।

देश में सक्रिय मौसम प्रणालियां

देश के विभिन्न हिस्सों में फिलहाल कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम को प्रभावित कर रही हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सक्रिय है, जिसके कारण इन क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है। इसके प्रभाव से पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी बादल छाए हुए हैं। हरियाणा और उसके आसपास चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश और बांग्लादेश के ऊपर भी सर्कुलेशन सक्रिय है, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में नमी बढ़ रही है और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा रही है।

आगे क्या है अनुमान?

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान स्थिति लंबे समय तक बनी रहने की संभावना नहीं है। अगले 24 घंटों के भीतर ट्रफ लाइन के फिर से दक्षिण की ओर खिसकने के संकेत मिल रहे हैं। यदि ऐसा होता है, तो 5 और 6 मई से कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज और बुंदेलखंड के कई हिस्सों में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इस दौरान आंधी और गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

किसानों के लिए सलाह

मौसम के इस बदलते रुख को देखते हुए किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। जिन किसानों की फसल कट चुकी है, उन्हें उसे खुले में रखने से बचने और सुरक्षित स्थान पर भंडारण करने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित आंधी और बारिश के चलते फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा, खेतों में खड़ी फसलों के लिए भी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की जरूरत है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें और उसी के अनुसार खेती से जुड़े निर्णय लें, ताकि किसी भी प्रकार के नुकसान से बचा जा सके।