गाड़ी पलटने के बाद मोस्टवांटेड विकास दुबे ने पिस्टल छीनकर गोली चलाई।
लखनऊ. कानपुर के बिकरु गांव में बीती दो जुलाई की रात आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला यूपी का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विकास दुबे गुरुवार सुबह उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से पकड़ा गया। छह दिन की तलाश के बाद एमपी पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकी। वहीं एमपी में पकड़े गए विकास दुबे को यूपी पुलिस कानपुर लेकर आ रही थी, इसी बीच उसके एनकाउंटर की खबर आई। सूत्रों के मुताबिक इस एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल हुए विकास दुबे की मौत हो गई है। फिलहाल विकास दुबे की मौत की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। विकास दुबे को स्ट्रेचर पर लाला लाजपत राय हॉस्पिटल में लाया गया है। उसके सीने और कमर में गोली लगी थी।
एनकाउंटर में मारा गया विकास दुबे
आपको बता दें कि एमपी में पकड़े गए विकास दुबे को यूपी पुलिस कानपुर लेकर आ रही थी, इसी बीच कानपुर में घुसते ही एसटीएफ की गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा कानपुर टोल प्लाजा से 25 किलोमीटर दूर हुआ। हादसे में गाड़ी में सवार पुलिसकर्मी घायल हुए। इसी गाड़ी में विकास दुबे भी था। गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे ने हथियार छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को उसका एनकाउंटर करना पड़ा। घटनास्थल से सात से आठ किलोमीटर दूर विकास दुबे और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में विकास दुबे गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके सीने और कमर में गोली लगी थी।
ऐसे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक मीडिया की नजर से विकास दुबे को बचाने के लिए पुलिस गाड़ी की रफ्तार काफी तेज थी। बारिश और तेज रफ्तार के कारण गाड़ी नियंत्रण से बाहर होकर पलट गई। जानकारी के मुताबिक विकास दुबे ने गाड़ी पलटते ही पुलिसकर्मियों का हथियार छीन लिया और वहां से भागने लगा। तभी पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया।