
Vineet Minocha Murder Case Update Kanpur:कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। बहू शालू (32) के बाद पुलिस ने कारोबारी के बेटे सुब्रत (35) को भी बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने यह कार्रवाई हत्यारोपी नौकर विशाल के बयान के आधार पर की है। विशाल ने पूछताछ में दावा किया कि सुब्रत के कहने पर ही उसने विनीत मिनोचा की हत्या की थी। विशाल के मुताबिक, सुब्रत ने उसे यह भी कहा था कि अगर वह पुलिस की गिरफ्त में आ जाए तो हत्या का आरोप उसकी पत्नी शालू पर लगा दे। विशाल ने पुलिस को बताया कि सुब्रत ने उसे 6 लाख रुपये देने की बात कही थी।
पुलिस पूछताछ में विशाल ने दावा किया कि सुब्रत के कहने पर उसने दवा कारोबारी की हत्या की। उसने बताया कि सुब्रत ने उसे वारदात के बाद खुद को बचाने के लिए शालू का नाम लेने को कहा था। विशाल ने यह भी बताया कि सुब्रत के कहने पर उसने दुकान से दवाएं चोरी की थीं। चोरी पकड़े जाने के बाद विनीत मिनोचा ने सुब्रत को डांटा था। दोनों के बीच विवाद भी हुआ था। इसके बाद विनीत ने विशाल को नौकरी से निकाल दिया था। विशाल के इन दावों के बाद पुलिस ने सुब्रत से भी पूछताछ की और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बुधवार को शालू, नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर को 24 घंटे की कस्टडी रिमांड पर लिया था। इसी दौरान पुलिस ने कल्याणपुर थाने में शालू और विशाल का आमना-सामना सुब्रत से कराया। पूछताछ के दौरान शालू अपने पति सुब्रत को देखकर रोने लगी। उसने अधिकारियों के सामने कहा कि उसे फंसा दिया गया है। शालू ने कहा कि उसके पति ने खुद को बचाने के लिए उसे फंसाया है। दूसरी ओर, सुब्रत ने शालू की तरफ देखने से भी परहेज किया और दूसरी ओर मुंह मोड़ लिया। इसके बाद पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने पुलिस लाइन में तीनों से कई दौर में पूछताछ की। पुलिस ने इस दौरान करीब 40 से ज्यादा सवाल पूछे।
पूछताछ में शालू अपने पहले दिए गए बयानों पर कायम रही। उसने कहा कि उसने अपने ससुर विनीत मिनोचा की हत्या नहीं कराई है। शालू के मुताबिक, उसके अपने ससुर से अच्छे संबंध थे। वह उनकी डायट का भी ध्यान रखती थी, क्योंकि उन्हें शुगर की बीमारी थी। जब पुलिस ने उससे पूछा कि विशाल ने उसका नाम क्यों लिया, तो शालू ने कहा कि वह खुद हैरान है कि विशाल ने किसके कहने पर उसका नाम लिया। पुलिस ने जब उसे बताया कि विशाल ने अपने बयान में सुब्रत के कहने पर शालू का नाम लेने की बात कही है, तो वह कुछ देर तक सुब्रत और विशाल को देखती रही। इस दौरान उसकी नजरें सुब्रत पर थीं, लेकिन सुब्रत ने उसकी ओर नहीं देखा।
बुधवार को शालू, विशाल और राजकिशोर की 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड शुरू होने के बाद पुलिस ने तीनों को अलग-अलग जगहों पर ले जाकर पूछताछ की। जेल से बाहर निकालने से लेकर रिजर्व पुलिस लाइन पहुंचने तक की पूरी कार्रवाई कुछ इस तरह हुई-
| समय | रिमांड के दौरान क्या हुआ |
|---|---|
| 11:40 बजे | कल्याणपुर थाने के एक दरोगा और कॉन्स्टेबल तीनों आरोपियों की रिमांड से जुड़े कागजात लेकर जेल पहुंचे। |
| 11:50 बजे | कल्याणपुर इंस्पेक्टर केशव कुमार तिवारी पुलिस फोर्स के साथ जेल पहुंचे। उनके साथ एक ब्रेजा कार भी थी। |
| 12:00 बजे के बाद | जेल के अंदर करीब 10 मिनट तक रिमांड से जुड़ी कागजी कार्रवाई पूरी की गई। |
| 12:05 बजे | जेल गेट पर पुलिस जीप पहुंची। उसके आगे ब्रेजा कार खड़ी की गई। |
| 12:08 बजे | सबसे पहले राजकिशोर और विशाल को जेल से बाहर निकाला गया। इसके बाद शालू को दुपट्टे से चेहरा ढककर बाहर लाया गया। |
| 12:08 बजे के बाद | शालू को ब्रेजा कार में बैठाया गया, जबकि विशाल और राजकिशोर को पुलिस जीप में बैठाकर ले जाया गया। |
| 12:14 बजे | पुलिस तीनों आरोपियों को उर्सला अस्पताल लेकर पहुंची। यहां उनका मेडिकल कराया गया। |
| 12:14 बजे के बाद | मेडिकल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस तीनों को कल्याणपुर थाने लेकर रवाना हुई। |
| 12:52 बजे | पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर कल्याणपुर थाने पहुंची। |
| 1:17 बजे | तीन महिला कॉन्स्टेबल और एक दरोगा शालू को कार से पूछताछ के लिए लेकर थाने से रवाना हुए। |
| 1:21 बजे | कल्याणपुर इंस्पेक्टर विशाल और राजकिशोर को साथ लेकर थाने से बाहर निकले। |
| 2:07 बजे | पुलिस टीम विशाल और राजकिशोर को पूछताछ के लिए रिजर्व पुलिस लाइन लेकर पहुंची। |
पूछताछ में सुब्रत ने नौकर विशाल के आरोपों को खारिज कर दिया। उसने पुलिस से कहा कि उसे नहीं पता कि विशाल इस तरह के बयान क्यों दे रहा है। सुब्रत ने दावा किया कि उसने विशाल से कभी चोरी करने के लिए नहीं कहा। जब पुलिस ने उससे पिता की हत्या में शामिल होने को लेकर सवाल किया तो उसने कहा कि विशाल पहले शालू का नाम ले रहा था और अब उसे फंसाने की कोशिश कर रहा है।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने सुब्रत से उसके पिता, मां, पत्नी और नौकर विशाल के साथ संबंधों को लेकर भी सवाल किए। पुलिस ने पूछा कि उसके पिता के साथ संबंध कैसे थे? सुब्रत ने जवाब दिया कि उसके पिता अच्छे और केयरिंग थे तथा परिवार की सभी जिम्मेदारियां संभालते थे।
माता-पिता के रिश्ते के सवाल पर उसने कहा कि दोनों के संबंध अच्छे थे। उसकी मां पुनीता कुछ महीने कानपुर और कुछ महीने दिल्ली में रहती थीं। उसने बताया कि दिल्ली में भी उनका एक फ्लैट है।
पत्नी शालू के साथ रिश्ते को लेकर सुब्रत ने कहा कि संबंध अच्छे थे। उसने माना कि कुछ पारिवारिक बातों को लेकर विवाद होते थे, लेकिन इन्हें सामान्य बताया।
पुलिस ने बिरहाना रोड स्थित दुकान से सामान गायब होने को लेकर भी सुब्रत से पूछताछ की। सुब्रत ने बताया कि दुकान से इलेक्ट्रॉल का एक गत्ता गायब हुआ था और विशाल की मदद से वह गत्ता गायब किया गया था। उसके मुताबिक, पिता ने दुकान पर सबके सामने उसे डांटा था। घर पर भी इसको लेकर विवाद हुआ था।
पुलिस ने यह भी पूछा कि विशाल को पिता पसंद नहीं करते थे और चोरी के आरोप में उसे नौकरी से निकाल दिया गया था, इसके बावजूद वह उससे संपर्क में क्यों था। इस पर सुब्रत ने कहा कि विशाल उसके छोटे-बड़े कामों में मदद करता था। इसके बदले वह उसकी पैसों से मदद करता था।
पूछताछ में पुलिस ने सुब्रत से देहरादून में दवा कंपनी की ओर से बुलाए जाने के दौरान हुई घटना के बारे में भी सवाल किए। सुब्रत ने बताया कि होटल से एक बैग गायब हो गया था, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। इसके लिए उसके पिता ने उसे काफी डांटा था।
पुलिस ने उससे यह भी पूछा कि देहरादून में उसकी कनाडा की कोई दोस्त है। सुब्रत ने दोस्त होने की बात स्वीकार की, लेकिन कहा कि दोनों के बीच सिर्फ दोस्ती है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि सुब्रत पर करीब 15 लाख रुपये का कर्ज था। पुलिस के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड के खर्च, पार्टियों और घूमने के शौक के चलते उस पर कर्ज बढ़ गया था।
पूछताछ में सुब्रत ने भी माना कि उसे अक्सर रुपयों की जरूरत रहती थी। उसने कहा कि उसके पिता सीमित पैसे देते थे और उनके स्टेटस के हिसाब से वह रकम कम पड़ जाती थी।
पुलिस ने पूछा कि 40 हजार रुपये महीने मिलने के बावजूद वह महंगी पार्टियों और किटी में क्यों शामिल होता था। इस पर सुब्रत ने कहा कि वह क्रेडिट कार्ड और दोस्तों की मदद लेता था, जिसके कारण उस पर कर्ज हो गया।
पुलिस को उसके गेमिंग और सट्टे में पैसे गंवाने की जानकारी मिलने की बात भी सामने आई है।
पुलिस ने सुब्रत से सीधे पूछा कि क्या कर्ज के चलते उसने पिता की हत्या की साजिश रची और बाद में शालू को फंसा दिया। सुब्रत ने इस आरोप से इनकार किया। उसने कहा कि वह रुपयों के लिए अपने पिता की हत्या नहीं करा सकता।
पुलिस ने हत्या वाले दिन CCTV फुटेज में विशाल को देखने के बावजूद उसे पहचान नहीं पाने को लेकर भी सवाल किया। सुब्रत ने जवाब दिया कि पार्टी में उसने काफी शराब पी ली थी, इसलिए वह विशाल को पहचान नहीं पाया।
विशाल ने पुलिस को दिए अपने बयान में दावा किया कि हत्या से पहले सुब्रत ने उसे फोन किया था। उसके मुताबिक, सुब्रत ने कहा था कि वारदात इस तरह होनी चाहिए कि मामला हत्या का नहीं, बल्कि प्राकृतिक मौत का लगे।
विशाल का दावा है कि हत्या वाले दिन सुब्रत ने उसे छह बार फोन किया था और हर बार वह जल्दबाजी में बात कर रहा था।
हालांकि, इन आरोपों को लेकर सुब्रत ने पुलिस के सामने खुद को निर्दोष बताया है।
विशाल के मुताबिक, वारदात के दौरान कमरे में विनीत मिनोचा ने उसे और उसके साथी को देख लिया था और शोर मचाने लगे थे।
विशाल ने पुलिस को बताया कि डर की वजह से उसने विनीत पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, विनीत पर कुल 26 बार चाकू से वार किए गए थे।
कानपुर में 5 सितंबर की रात दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की उनके फ्लैट में हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, नौकर विशाल ने अपने सहयोगी राजकिशोर के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने दोनों की पहचान की थी। गिरफ्तारी के बाद विशाल ने पुलिस के सामने शालू का नाम लिया था और दावा किया था कि बहू ने ही अपने ससुर की हत्या कराने के लिए कहा था।
इसी बयान के बाद पुलिस ने शालू को भी मामले में आरोपी बनाया था।
हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस अधिकारियों ने 40 से ज्यादा सवालों की सूची तैयार की थी। पूछताछ की कमान पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल, डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी, इंस्पेक्टर और तीन दरोगाओं की संयुक्त टीम के हाथों में रही।
पूछताछ की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों के जवाब, बातचीत और पूछताछ के दौरान की प्रक्रिया को रिकॉर्ड किया।
बुधवार को पुलिस विशाल को लेकर कल्याणपुर के केशवपुरम स्थित रतन ऑर्बिट पहुंची। पुलिस के मुताबिक, बाउंड्री वॉल फांदकर भागते समय विशाल ने एक चाबी वहीं फेंकी थी।
पुलिस ने बताया कि बाउंड्री वॉल से लगे खाली प्लॉट में वह चाबी बरामद हुई।
वहीं दूसरे आरोपी राजकिशोर को सेंट्रल स्टेशन ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, उसकी निशानदेही पर सुलभ शौचालय के पीछे से खून से सनी पैंट और काला गमछा बरामद किया गया।
पुलिस के मुताबिक, राजकिशोर का भी शालू और सुब्रत से आमना-सामना कराया गया। इस दौरान दोनों ने राजकिशोर को पहचानने से इनकार कर दिया। राजकिशोर ने भी दोनों को पहचानने से इनकार किया।
राजकिशोर ने पुलिस को बताया कि उसने विशाल के कहने पर वारदात को अंजाम दिया था। उसके मुताबिक, रुपयों की जरूरत के चलते वह इस वारदात में शामिल हुआ।
उसने यह भी दावा किया कि वह इससे पहले कभी शालू या सुब्रत से नहीं मिला था।
बुधवार को 24 घंटे की कस्टडी रिमांड में शालू मिनोचा, विशाल गौतम और राजकिशोर को लिया गया था। तीनों दोपहर 12 बजकर 13 मिनट पर जेल से बाहर आए।
इसके बाद पुलिस टीम उन्हें जेड स्क्वायर मॉल, कल्याणपुर थाने और आईआईटी पुलिस चौकी लेकर गई। देर शाम आईआईटी पुलिस चौकी में पूछताछ का सिलसिला शुरू हुआ।
इसी दौरान विशाल के बयानों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने सुब्रत को देर रात उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान शालू, सुब्रत और विशाल का आमना-सामना कराया गया। तीनों से कई सवाल पूछे गए और सुब्रत से भी पूछताछ की गई।
कमिश्नर के मुताबिक, पुलिस को सुब्रत के खिलाफ डिजिटल और अन्य सबूत मिले हैं। इन्हीं सबूतों के आधार पर उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने सुब्रत से पिता से रिश्ते, पत्नी के साथ संबंध, दुकान से सामान गायब होने, देहरादून की घटना, विशाल से संपर्क, आर्थिक स्थिति और हत्या में कथित भूमिका को लेकर सवाल किए।
सुब्रत ने पिता की हत्या में शामिल होने से इनकार किया और विशाल के आरोपों को खारिज किया। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान उसे सुब्रत के खिलाफ डिजिटल और अन्य सबूत मिले हैं। अब इन बयानों और बरामद साक्ष्यों को जांच में मिलाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, सुब्रत को डायबिटीज है। बुधवार को पूछताछ के दौरान उसकी शुगर काफी बढ़ गई थी। सूत्रों का दावा है कि एक समय उसका शुगर लेवल 700 से ऊपर पहुंच गया था।
स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए पुलिस उससे अलग-अलग राउंड में पूछताछ कर रही थी। पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आए आरोपों और सबूतों की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।