
कानपुर। नट और बाजारों के आपराधिक गैंग को असलहे सप्लाई करने वाले पिता-पुत्र को पुलिस ने नौबस्ता इलाके से धर दबोचा. दोनों के पास से 18 असलहे और एक बाइक बरामद हुई है. पुलिस अब असलहों के अवैध कारोबार से जुड़े उसके साथियों और असलहे खरीदने वालों की तलाश में जुट गई है.
ऐसी मिली है जानकारी
शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी साउथ डॉ. रवीना त्यागी ने बताया कि स्वॉट टीम प्रभारी निदेशक दिनेश कुमार यादव और नौबस्ता गल्ला मंडी चौकी प्रभारी विवेक कुमार सिंह गुरुवार रात गश्त पर थे. फतेहपुर की ओर से बाइक से आ रहे दो लोगों को रोक कर उनके पास से बरामद बोरे की तलाशी ली गई.
ये सामान हुआ बरामद
बोरे से 4 राइफलें, 12 बोर की छह बंदूकें और 315 बोर के 8 तमंचे बरामद हुए. पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम खैरई खागा, फतेहपुर निवासी नसीम और नफीस बताया. पिता नसीम ने बताया कि एक दशक से ज्यादा समय से अवैध असलहे बनाने और बेचने का कारोबार कर रहे हैं. फतेहपुर और आसपास के जनपदों से कई बार जेल भी जा चुके हैं.
ऐसा बताया एसपी ने
एसपी के मुताबिक फतेहपुर में पुलिस का दबाव बढ़ने पर नसीम रनियां में असलहा फैक्ट्री शिफ्ट करने की फिराक में था. वह बेटे नफीस के साथ बाइक से तैयार असलहे और औजार को लेकर रनियां शिफ्ट करने जा रहा था, लेकिन पकड़ लिया गया. दोनों फतेहपुर, कानपुर, उन्नाव समेत आसपास के कई जनपदों में असलहे सप्लाई करते थे. सबसे ज्यादा असलहे नट और बाजारों के गैंग को सप्लाई किए हैं. इतना ही नहीं, पूछताछ के दौरान दोनों ने और भी कई लोगों के नाम बताएं हैं. फिलहाल उन सब की पड़ताल भी की जा रही है.
ये हैं नसीम और नफीस
बताया गया है कि नसीम और नफीस दोनों ही असलहे बनाने में माहिर हैं. राइफल 20 से 30 हजार, बंदूक 15 से 20 हजार व तमंचा 5 से 20 रुपए में बेचते थे. अब तक दोनों 500 से ज्यादा अवैध असलहे तैयार कर बेच चुके हैं.