कानपुर

राज्य महिला आयोग सदस्य ने DGP को लिखा पत्र, JPC के खिलाफ कार्रवाई की मांग, पुलिस कमिश्नर ने कहा…

Women Commission member writes to DGP कानपुर में JPC और महिला आयोग की सदस्य के बीच का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। महिला आयोग की सदस्य ने डीजीपी को पत्र भेज कर JPC के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

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Nov 28, 2025
फोटो सोर्स- पत्रिका)

Women Commission member writes to DGP कानपुर में राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता ने पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर संयुक्त पुलिस आयुक्त के पत्र पर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने संयुक्त पुलिस आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि कानपुर में राज्य महिला आयोग के कार्यों को गतिमान करने के लिए ऐसे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। जिससे कि भविष्य में महिला आयोग की सदस्यों को अपमानित न होना पड़े। ‌अनीता गुप्ता का यह पत्र संयुक्त पुलिस आयुक्त के उस पत्र के खिलाफ आया है। जिसमें उन्होंने लिखा था कि राज्य महिला आयोग की सदस्य को थाने के निरीक्षण करने का अधिकार नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कई और भी बातें लिखी थीं। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि दोनों पक्षों से बातचीत की गई है।

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22 नवंबर को अनीता गुप्ता पहुंची थी बर्रा थाने

उत्तर प्रदेश के कानपुर में राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता ने बीते 22 नवंबर को बर्रा थाना की महिला हेल्प डेस्क में दर्ज मामलों में कार्रवाई के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जिसको लेकर संयुक्त पुलिस आयुक्त विनोद कुमार सिंह ने महिला सदस्य अनीता गुप्ता को पत्र भेज कर उनके अधिकार क्षेत्र बताए थे। जिसमें उन्होंने लिखा था कि कानूनी प्रावधानों एवं निर्धारित क्षेत्राधिकारों के अनुसार आयोग के सदस्यों को पुलिस थानों का सीधे निरीक्षण करने का अधिकार प्राप्त नहीं है।

थाने का निरीक्षण नहीं, महिला हेल्प डेस्क गई थी

संयुक्त पुलिस आयुक्त के पत्र पर अनीता गुप्ता ने जवाब दिया है और सवाल भी पूछा है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि वे बर्रा थाना में महिला हेल्प डेस्क के कार्यों को देखने के लिए गई थीं ना कि पुलिस थाने का निरीक्षण करने के लिए। यह कार्य राज्य महिला आयोग के सदस्य के कार्य क्षेत्र की परिधि में आता है।

अनीता गुप्ता ने पूछा, "कौन सा दैनिक कार्य प्रभावित है?"

इसके साथी अनीता गुप्ता ने एक और बिंदु का जिक्र किया है। जिसमें संयुक्त पुलिस आयुक्त ने लिखा था कि इस प्रकार के निरीक्षण से दैनिक पुलिस कार्य में अनावश्यक व्यवधान उत्पन्न होता है। इस पर भी उन्होंने जवाब मांगा है कि मेरे अवलोकन के मध्य कौन सी आपात स्थिति हेल्प डेस्क पर थी और कैसे दैनिक कार्य प्रभावित हुआ? महिला आयोग को पीड़ित महिलाओं से उपेक्षा और विभाग में लापरवाही की शिकायतें प्रतिदिन प्राप्त होती हैं।

संयुक्त पुलिस आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग

अनीता गुप्ता ने संयुक्त पुलिस आयुक्त के लिखे गए पत्र में बिंदुवार समीक्षा की और पुलिस महानिदेशक से जवाब मांगा है। अपने पत्र में महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता ने लिखा है कि क्या महिला आयोग की सदस्य आयुक्त से पूछ कर कार्य करेंगी? संयुक्त पुलिस आयुक्त के पत्र के बाद अब कानपुर में आयोग के सदस्यों को कम नहीं कर पाएंगे।‌ उन्होंने संयुक्त पुलिस आयुक्त के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। एक सवाल के जवाब में अनीता गुप्ता ने कहा कि संयुक्त पुलिस आयुक्त का पत्र पुलिस विभाग से ही मीडिया में जारी किया गया है। यह पत्र उनकी तरफ से जारी नहीं किया गया है।

क्या कहते हैं पुलिस कमिश्नर?

इस संबंध में पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। उन्हें थाना के निरीक्षण के संबंध में जानकारी दी गई थी ।जबकि महिला आयोग की सदस्य का कहना है कि वह किसी समस्या को लेकर गई थी। किसी प्रकार की समस्या को लेकर कोई भी व्यक्ति थाने पर जा सकता है। इस संबंध में महिला आयोग की अध्यक्ष और ज्वाइंट सीपी से भी बातचीत हुई है। मिस अंडरस्टैंडिंग दूर होनी चाहिए। हम सब का उद्देश्य महिलाओं को न्याय देना है। अब किसी को कोई आपत्ति नहीं है। समय से उनकी शिकायतों का निस्तारण हो।

Updated on:
28 Nov 2025 08:49 pm
Published on:
28 Nov 2025 08:48 pm
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