कानपुर

लहुरीमऊ गांव बना जंग का मैदान, पुलिस-पब्लिक के बीच खूनी संघर्ष

मजदूर की मौत के बाद भड़के लोग, पुलिस पर किया पथराव, बदले में की हवाई फायरिंग
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Updated: 26 May 2018, 1:31 AM IST
मजदूर की मौत के बाद भड़के लोग, पुलिस पर किया पथराव, बदले में की हवाई फायरिंग
लहुरीमऊ गांव बना जंग का मैदान, पुलिस-पब्लिक के बीच खूनी संघर्ष

कानपुर। सजेती थानाक्षेत्र के लहुरीमऊ गांव स्थित नवेली विद्युल प्लॉन्ट में पुलिस और मजजूरों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। अपने साथी की मौत की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों के साथ मजदूरों ने प्लॉन्ट में धावा बोल दिया। अफसरों और कर्मचारियों की पिटाई कर वाहनों को आग के हवाले कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर डीएम सुरेंद्र सिंह, एसएसपी अखिलेश मीणा कई थानों की फोर्स के अलावा पीएसी के जवानों के साथ गांव पहुंचे। खाकी को आता देख गुस्साए भीड़ भड़क गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने मामला बड़ता देख फवाई फायरिंग कर उपद्रवियों को खदेड़ने के साथ लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस की कार्रवाई से आसपास के लोग सैकड़ों की संख्या में आ गए। डीएम के समझाने के बाद लोगों को गुस्सा शांत पड़ा। पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट कराया है।
बिहार के मजदूर की मौत के बाद बवाल
घाटमपुर स्थित निर्माणाधीन पावर प्लांट में काम कर रही बीजीआर कंपनी में आसपास के गांवों के अलावा बिहार और छत्तीसगढ़ के एक हजार से ज्यादा मजदूर काम करते हैं। यहां चिमनी बनाई जा रही है। बिहार निवासी मजदूर प्रमोद मंडल की लू लगने से गुरुवार की रात हालत बिगड़ गई। आनन-फानन उसे इलाज के लिए हमीरपुर के जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर हैलट कानपुर रेफर कर दिया गया। लेकिन मजदूर ने रास्ते में दम तोड़ दिया। शुक्रवार को साथी की मौत की सूचना मिलते ही प्लांट पर काम कर रहे मजदूर हो-हल्ला करने लगे। निर्माणाधीन पावर प्लांट प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई न होने पर मजदूर और उत्तेजित हो गए और तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। अफसरों के वाहन पलट दिए। साथ ही प्लांट में पथराव कर दिया। अफसरों और कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। प्लॉन्ट के अधिकारियों की सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें समझाने की कोशिश की, इसी दौरान वह भड़क गए और खाकीधारियों से भिड़ गए।
दरोगा के चलते भड़के मजदूर
स्थानीय लोगों ने बताया कि घाटमपुर सीओ और सजेती थानाध्यक्ष के अलावा आसपास के थानों की फोर्स गावं पहुंची। मजदूरों ने पुलिस से अपने साथी के शव के बारे में जाकनारी की, लेकिन एक दरोगा ने मजदूरों को धक्का दे दिया, जिसके चलते मजदूर भड़क गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस और मजदूरों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक जमकर संघर्ष हुआ। इस दौरान मजूदरों ने पुलिस सहित अन्य के वाहनों को पलट दिया और उन पर आग लगा दी। मामला बड़ता देख पुलिस ने घटना की जानकारी अलाधिकारियों को दी। डीएम, एसएसपी, एडीएम और एसडीएम पीएसी और पुलिस के बल के साथ गांव पहुंचे।
ग्रामीण-मजदूर पुलिस पर पड़ गए भारी
पुलिस और मजदूरों के संघर्ष की जानकार आसपास के गांववालों को हुई तो भारी संख्या में लाटी और हथियारों के साथ लहुरीमऊ पहुंच गए। इस दौरान सैकड़ो ंकी संख्या में गांववालों ने पुलिस पर धावा बोल दिया। पत्थरबाजी के चलते पुलिस को पीछे हटने पड़ा। एसएसपी ने उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए पुलिस को फायरिंग और लाठीचार्ज का आदेश दे दिया। पीएसी और पुलिस के बल के जवानों ने हवाई फयरिंग कर ग्रामीणों और मजदूरों को तितर-बितर किया और दौड़ा-दौड़ा का उन्हें पीटा। इस दौरान दर्जनों मजदूर-ग्रामीण घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए घाटमपुर सरकारी अस्पताल में एडमिट कराया गया।
संघर्ष की थी यह वजह
मजदूरों ने बताया कि लू लगने से प्रमोद की मौत हो गई। पावर प्लांट के अधिकारियों ने पुलिस को मिला कर शव को गायब कर दिया। मृतक के परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी मजदूरों और लहुरीमऊ गांव के लोगों को बताई। ग्रामीण और मजदूर पॉवर प्लॉन्ट के अधिकारियों के साथ ही ठेकेदार से प्रमोद के शव के बारे में जानकारी मांगी, पर उन्होंने उन्हें गुमराह कर दिया। इसी दौरान मजदूरों को जानकारी मिली की प्रमोद के शव को पुलिस ने गायब कर दिया, जिससे वह भड़क गए और जमकर हंगामा काटा। वहीं सजेती और घाटमपुर पुलिस ने अफसरों से बचने के लिए शव को शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया । मामले पर एसएसपी अखिलेश कुमार मीणा ने बताया की ग्रामीणों ने मजदुर की मौत के बाद हंगामा कर रहे थे, जिन्हें मौके पर शांत कराया गया। भी उपद्रवी हंगामा कर रहे थे उन्हें चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं और मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।

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