
कानपुर। लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी संगठन के साथ सरकार के ढाचें में मूलभूति परिवर्तन करने जा रही है। दिवाली से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं। जिसमें अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आषीश पटेल (पूर्व इंजीनियर) का मंत्री बनना लगभग-लगभग तय माना जाता है। इसके अलावा कानपुर-बुंदेलखंड से दो विधायकों को भी मंत्री बनाया जा सकता है। इनमें एक चेहरा ब्राम्हण तो दूसरा दलित हो सकता है।
नए चेहरों को मिल सकता है मौका
4 दिन पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह लखनऊ दौरे पर आए थे और सीएम योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय के अलावा दोनों डिप्टी सीएम के साथ बैठक की लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाई तो योगी मंत्रिमंडल पर चर्चा की। इसी के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि दिवाली से पहले सीएम योगी विधायकों को बड़ा गिफ्ट दे सकते हैं। मत्रिमंडल में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाने के लिए कई नए चेहरों को स्थान दिया जा सकता है। इन्हीं चेहरों में एक नाम अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल का भी है। विस्तार होने पर इनका मंत्री बनना तय माना जा रहा है। अपना दल के राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य अजय प्रताप सिंह ने बताया कि मंत्रिमंडल में विस्तार होगा तो हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष मंत्री बनाए जाएंगे
कौन है आशीष पटेल
नवाबगंज थानाक्षेत्र के कंपनीबाग निवासी आशीष पटेल अपना दल (सोनेलाल पटेल) गुट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। इंजीनियरिंग छोड़कर पॉलिटिक्स में आए आशीष, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति हैं और पार्टी के मेन स्ट्रैटजिस्ट हैं। बता दें, पार्टी में विवाद की वजह से अनुप्रिया गुट ने विधानसभा चुनाव के पहले अपना दल (सोने लाल) के नाम से पार्टी का गठन कयि। इसके बाद बीजेपी से अलायंस कर चुनाव लड़ा। चुनाव में पार्टी को 9 सीटों पर जीत मिली थी। राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य अजय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को तो सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदेश को विकास के पथ पर ले जा रहे हैं। हमारे नेता को मंत्रिमंडल में जगह मिलनी तय हैं।
बुंदेलखंड को मिल सकता है मौका
24 अक्टूबर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आरएसएस के पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक के दौरान सरकार और संगठन के बड़े प्रमुखों के साथ बैठक की थी। इसमें केंद्रीय नेतृत्व आसन्न लोकसभा चुनावों में भाजपा की मौजूदा स्थिति को लेकर खासा चिंतित दिखा। इसके बाद ही मंत्रिमंडल में बदलाव के आसार नजर आने लगे थे। कानपुर-बुंदेलखंड परिक्षेत्र से बीजपी 52 में 47 सीटों पर जीती थी। बुंदेलखंड की 19 से 19 सीटों पर कमल खिला था, लेकिन यहां के किसी भी विधायक को मंत्री पद नहीं मिला। इससे चर्चा चल रही है विस्तार के दौरान यहां से एक-दो विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है।